शक्तिनगर। देश के कोयला संकट को दूर करने के लिए यात्री ट्रेन को फिर रद किए जाने से ऊर्जांचल के रहवासियों में रोष बढ़ता जा रहा है। यह अलग बात है कि यात्री ट्रेन को रद किए जाने को लेकर रेलवे ने स्पष्ट कारण नहीं बताया है। कोरोना काल के शुरुआत से शक्तिनगर व सिंगरौली से चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस को बंद कर दिया गया। यह ट्रेन प्रयागराज, लखनऊ होते हुए टनकपुर तक जाती थी और क्षेत्र की लाइफ लाइन समझी जाती थी। दो साल से ट्रेन का संचालन बंद होने के बाद कई मंचों पर मामला उठा, जनप्रतिनिधियों ने रेलवे बोर्ड तक मुद्दे को पहुंचाया। लेकिन रेलवे आश्वासन देता रहा और ट्रेन संचालन की तिथि विस्तारित करता रहा। कभी रेल पटरी दोहरीकरण तो कभी अन्य वजहें बताई गई। ताज्जुब है कि मौजूद रेल पथ से कई दर्जन कोयला भरी ट्रेनों को पार कराया जाता रहा। अब रेलवे की मंशा इलाके के लोगों को समझ आने लगी है। क्षेत्र के रहवासी शिवम राय, आशीष चौबे, बृजेश सिंह, चंद्रभान पांडेय का कहना है कि माल भाड़ा से कमाई के लिए रेलवे ने यात्री सुविधाओं को हासिए पर डाल दिया है। अब जनता के लिए आंदोलन रास्ता बचा है। पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार के मुताबिक टनकपुर से सिंगरौली व शक्तिनगर के बीच चलने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस आठ मई तक चोपन से आएगी व जाएगी।