एनसीएल खड़िया कोयला क्षेत्र के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) में सोमवार की देर रात ऊंचाई से गिरकर ऑपरेटर की मौत हो गई। घटना के बाद भड़के साथी कामगारों ने सुरक्षा मानकों में लापरवाही व मृतक आश्रित को मुआवजे की मांग को लेकर कोयला प्रेषण ठप कर दिया। सूचना पर परियोजना के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। घंटों तक मान मनौवल चलता रहा। मृतक आश्रित को 15 लाख मुआवजा व नौकरी पर रजामंदी हुई तब जाकर करीब 12 घंटे बाद सीएचपी शाइलो से रेल रैक की लोडिंग शुरू हो पाई।
कोल हैंडलिंग प्लांट के मेंटेनेंस व रखरखाव की जिम्मेदारी एक अनुबंध के तहत एनसीएल ने स्टार ओएंडएम कंपनी को दिया है। इसी कंपनी में पड़ोसी राज्य मप्र के जयंत (सिंगरौली) निवासी जितेंद्र नारंग (45) बतौर प्वाइंट आपरेटर नियोजित था। रात करीब एक बजे वह लगभग 80 मीटर ऊंचाई पर कुछ कार्य कर रहा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया। कर्मचारियों के मुताबिक जितेंद्र की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद कंपनी के नुमाइंदों ने शव को जयंत स्थित नेहरू शताब्दी चिकित्सालय पहुंचा दिया। साथी मजदूरों का आरोप है कि जिस स्थान पर जितेंद्र कार्य कर रहा था वहां रोशनी का अभाव था और सुरक्षा मानकों को भी दरकिनार किया गया। ऊंचाई पर कार्य के दौरान सेफ्टी बेल्ट कार्य का अनिवार्य हिस्सा होता है लेकिन इसका ध्यान नहीं दिया गया। इसी के चलते घटना हुई।
इस मामले में खड़िया के सीएचपी इंचार्ज अमित पांडेय ने बताया कि घटना से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद असल स्थिति साफ होगी। मजदूरों व अधिकारियों के बीच हुई लंबी पंचायत के बाद 15 लाख रुपये मुआवजा का चेक व मृतक आश्रित को संविदा आधार पर नौकरी देने पर रजामंदी हुई। चेक स्टार ओएंडएम कंपनी के क्वार्डिनेटर दीपक सिंह के खाते का दिया गया। समझौता पत्र में इस बात का उल्लेख किया गया कि किसी कारणवश चेक क्लीयर नहीं हुआ तो एनसीएल स्टार ओएंडएम कंपनी की रनिंग बिल से पैसा काटकर पीड़ित पक्ष को भुगतान करेगी। समझौता के दौरान श्रम संगठन के पदाधिकारी, एनसीएल व कंपनी के अधिकारियों के साथ पुलिस व सुरक्षा विभाग के लोग मौजूद रहे। शक्तिनगर के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार सिंह ने बताया कि नियमानुसार पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी।