यूपी और एमपी के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार कई दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। इसका असर जिले के बांधों पर दिख रहा है। रिहंद बांध के उच्चतम स्तर के करीब पहुंचने के बाद पनबिजली इकाइयां शुरू करा दी गई है।
इसके चलते काफी मात्रा में पानी छोड़े जाने से ओबरा बांध भी भर गया है। बांध के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सोमवार की देर रात बांध के दो फाटक पांच-पांच फीट तक खोल दिए गए। हालांकि सुबह एक फाटक बंद कर दिया गया।
मंगलवार की सुबह आठ बजे ओबरा बांध का जलस्तर 193.05 मीटर तक पहुंच गया। यह जल स्तर अधिकतम 193.24 मीटर से मात्र 19 सेमी कम है। बांध की सुरक्षा को देखते हुए डैम के दो फाटक पांच-पांच फीट खोल दिया गया।
वहीं नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में इसकी सूचना देते हुए अलर्ट कर दिया गया है। ओबरा बांध के सहायक अभियंता एके त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार की देर रात 12.24 बजे ओबरा डैम का आठ नंबर फाटक और भोर में 2.34 बजे छह नंबर फाटक को पांच-पांच फीट खोला गया था।
दोनों फाटकों से लगभग 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन स्थिति सुधरने पर मंगलवार की सुबह लगभग 8.08 बजे छह नंबर फाटक को बंद कर दिया गया। मंगलवार को सिर्फ आठ नंबर फाटक को तीन फीट खोला गया है, जिससे लगभग 1500 क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है।
ओबरा बांध में बाहरी पानी के आवक को देखते हुए जलस्तर पर पल पल की निगरानी की जा रही है। देर शाम तक ओबरा जल विद्युत की 33 मेगावाट की तीनों इकाइयों से कुल 87 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था।