पिपरी के रिहंद बांध स्थित जल विद्युत की सभी इकाइयों से पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन के कारण सोमवार को ओबरा बांध का जलस्तर अधिकतम के करीब पहुंच गया। इसके चलते एक बार फिर ओबरा बांध के दो फाटक खोलने पड़े।
हालांकि मंगलवार को एक गेट बंद कर दिया गया। बांध के आठ नंबर गेट को तीन फीट खोलकर 18 हजार क्यूसेक पानी निकाला जा रहा है। रिहंद बांध के जल विद्युत से छोड़े जा रहे पानी का सीधा असर ओबरा बांध पर पड़ रहा है।
ओबरा बांध का जलस्तर अधिकतम के बेहद करीब 192.85 मीटर तक पहुंच गया। इससे बांध की देखरेख कर रहे अधिकारियों ने सोमवार को दोपहर लगभग 1.45 बजे गेट नंबर आठ को पांच फीट और शाम को 4.40 बजे गेट नंबर सात को तीन फीट खोल दिया था।
बांध के अवर अभियंता विनोद कुमार ने बताया कि ओबरा बांध का जल स्तर नियंत्रित होने पर मंगलवार की सुबह लगभग 10.30 पर गेट नंबर सात को बंद कर दिया गया है। वहीं गेट नंबर आठ को तीन फीट खोलकर पानी निकाला जा रहा है।
देर शाम तक ओबरा जल विद्युत की तीनों इकाइयों से लगभग 87 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। उधर, पिपरी स्थित जल विद्युत के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि 50 मेगावाट की सभी छह इकाइयों को पूरी क्षमता पर चलाकर लगभग 295 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा है। सभी इकाइयों से कुल लगभग 18 हजार क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ रहा है।