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मजदूरी न मिलने पर ठप किया ओबरा-सी परियोजना का काम

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ओबरा। निर्माणाधीन 1320 मेगावाट की ओबरा सी परियोजना के निर्माण में लगे मजदूरों ने मंगलवार को कार्य बहिष्कार किया। बकाया मजदूरी भुगतान की मांग को लेकर नारेबाजी की। गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए। बकाया भुगतान होने तक काम न करने की चेतावनी दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम ने जल्द भुगतान का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। ओबरा में लगभग 11 हजार करोड़ की लागत से 660 मेगावाट की दो इकाइयों का कार्य कोरिया की कंपनी मेसर्स दुसान पावर सिस्टम कंपनी को मिला हुआ है। यह कंपनी कई छोटी कंपनियों को लगाकर कार्य करा रही है। इसमें करीब पांच हजार के आसपास मजदूर काम करते हैं। कंपनी में कार्य कर रहे रोशन पटेल, विशाल सिंह, रवींद्र, रुपेश, सतीश, मनोज, लल्ले, पप्पू, इंद्रजीत आदि ने बताया कि पेटी ठेकेदार मेसर्स सांगा इरेक्टर प्रा. लिमिटेड और सिंगरौली इंजीनियरिंग प्रा. लिमिटेड ने कार्य कर रहे दर्जनों मजदूरों को लगभग दो माह का वेतन व ओवर टाइम नहीं दिया है। कोई समुचित जवाब भी नहीं दिया जा रहा। इससे नाराज मजदूरों ने धरना प्रदर्शन करते हुए कार्य बहिष्कार किया। ओबरा एसडीएम प्रकाश चंद्र व उप श्रमायुक्त पिपरी सरजू राम ने मजदूरों के मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके पर पहुंच कर कंपनी के जिम्मेदारों से वार्ता की। इस मामले में उप श्रमायुक्त पिपरी ने बताया कि मजदूरों का जून माह का वेतन व मार्च, अप्रैल, मई का ओवर टाइम बकाया है। वार्ता के माध्यम से समाधान का प्रयास किया जा रहा है। दुसान पावर के प्रशासनिक अधिकारी लालबाबू झा का कहना है कि ओबरा सी में एक दिन काम बंद होने से कंपनी को पांच करोड़ से ज्यादा का नुकसान होता है।
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