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Sonebhadra News: एनटीपीसी सिंगरौली के विस्तार कार्य में आई तेजी

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बारिश थमने के बाद एनटीपीसी के मदर प्लांट सिंगरौली पावर प्रोजेक्ट के उत्पादन क्षमता विस्तार का का कार्य तेज हो गया है। निर्माण सामग्री लेकर ट्रक ट्रेलर पहुंचने लगे हैं।
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दूसरी तरफ निर्माण स्थल के समतलीकरण के साथ कंपनियों के दफ्तर व लेबर कैंप निर्माण का कार्य तेज हो गया है। शक्तिनगर में स्थित एनटीपीसी लिमिटेड के पावर प्रोजेक्ट की बिजली उत्पादन क्षमता अभी 2000 हजार मेगावाट है।
यहां तृतीय चरण क्षमता विस्तार के तहत दो सुपर क्रिटिकल विद्युत इकाइयों को स्थापित किया जाना है। इनकी क्षमता 1600 मेगावाट होगी। 800- 800 मेगावाट क्षमता की यूनिटों के स्थापित होने के बाद इससे उत्पादित बिजली का सबसे अधिक लाभ उत्तर प्रदेश को मिलेगा।
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पावर प्रोजेक्ट की कुल थर्मल विद्युत उत्पादन क्षमता 3600 मेगावाट हो जाएगी। बारिश थमने के साथ ही निर्माण संबंधी कार्यों में तेजी आ गई है। ट्रक ट्रेलरों से निर्माण संबंधी सामग्री पहुंचने लगी है। भूमि समतलीकरण के साथ कार्य करने वाली कंपनियों ने आफिस, लेबर कैंप सहित अन्य संसाधनों पर काम तेज कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी बोली (आईसीबी) के तहत बिजली इकाइयों को स्थापित करने का ठेका भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) को मिला है। इस पर करीब 17000 हजार करोड़ रुपये खर्च आने की उम्मीद है। बीएचईएल को एनटीपीसी लिमिटेड से इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) आधार पर 2 गुणे 800 मेगावाट सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट (एसटीपीपी) तृतीय चरण की स्थापना के लिए ऑर्डर मिला है। निर्माण पूरा करने की अवधि 48 माह तय की गई है।

42 साल बाद होगा पहले प्लांट का विस्तार
शक्तिनगर। देश की महारत्न कंपनी एनटीपीसी की नींव साल 1982 में शक्तिनगर में पड़ी थी। यहां पहले चरण में 200 मेगावाट क्षमता की पांच बिजली इकाइयां स्थापित की गई। इसके बाद 500-500 मेगावाट की दो इकाइयों के स्थापना के बाद उत्पादन क्षमता दो हजार मेगावाट हुई। इसके बाद एनटीपीसी ऊर्जा क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ ऐसा मुकाम हासिल किया कि गिनती देश की महारत्न कंपनियों तक पहुंच गई। शुरुआत के 42 साल बाद यहां तृतीय चरण विस्तार शुरू हुआ है। एनटीपीसी के शक्तिनगर पावर प्लांट के विस्तार के लिए प्रमुख उपकरण बीएचईएल की हरिद्वार, त्रिची, बेंगलुरु, हैदराबाद, रानीपेट और भोपाल स्थित विनिर्माण इकाइयों से आपूर्ति किए जाएंगे। साल 1982 में बीएचईएल की ओर से स्थापित सिंगरौली (शक्तिनगर) टीपीएस उत्तर प्रदेश में एनटीपीसी का पहला विद्युत संयंत्र था।
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