अब सरकारी दफ्तरों में प्लास्टिक के प्रयोग पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए शासन ने निर्देश दिए है। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा ने सभी जिलों के डीएम समेत अन्य अधिकारियों को पत्र भेजकर मीटिंग में प्लास्टिक के बोतल में पानी का सेवन तक नहीं करने का निर्देश दिया है। डीएम चंद्र विजय सिंह ने सभी अधिकारियों को शासन के आदेश का कड़ाई से पालन कराने का फरमान जारी किया है।
प्रदूषण पर रोकथाम लगाने के लिए यूपी सरकार की ओर से कड़ा कदम उठाया गया है। मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र की ओर से सभी विभागों को आदेश जारी किया गया है कि वे अपने स्तर से प्लास्टिक फाइल कवर का प्रयोग बंद करें। अब कागज को बचाने की दिशा में भी कार्य करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए कागज में एक तरफ होने वाली प्रिंटिंग को रोकते हुए कागज के दोनों तरफ प्रिंट कराने के आदेश दिए गए हैं। मुख्य सचिव ने अभी भी विभागों द्वारा प्लास्टिक कवर और सिंगल साइड प्रिंट कर बुकलेट पेश करने पर नाराजगी जाहिर की है।
मुख्य सचिव की ओर इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि सरकार के सभी अधिकारी और विभागों के अध्यक्ष अधिक से अधिक सॉफ्ट कॉपी का प्रयोग करें। जरूरत पड़ने पर कागज के दोनों तरफ प्रिंटिंग का आदेश दिया गया है। साथ ही प्लास्टिक कवर और स्पाइरल बाइंडिंग पर पूरी तरह से रोक लगाने की भी बात कहीं है। मुख्य सचिव ने सभी फाइल्स ई-आफिस के माध्यम से ही भेजने और फिजिकल फाइल्स भेजने की जरूरत होने पर कागज के दोनों तरफ प्रिंट कराने का निर्देश दिया है। बैठकों में पानी के लिए प्लास्टिक बोतल का उपयोग न करने के भी निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने कहा कि सभी अधिकारियों के मुख्य सचिव के आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है।