राबर्ट्सगंज स्थित धान क्रय केंद्र। संवाद
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सोनभद्र। धान खरीद की शुरुआत से ठीक पहले सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है। वह जिले में किसी भी केंद्र पर अपना धान बेच सकेंगे। सौ क्विंटल तक धान की बिक्री के लिए अब सत्यापन की दरकार नहीं रहेगी। यही नहीं अब प्रत्येक कार्य दिवस पर सत्यापन के अनुसार धान बेचा जा सकेगा। पहले सोमवार से बृहस्पतिवार तक सिर्फ 50 क्विंटल धान बिक्री की बाध्यता थी। माना जा रहा है कि इन सहूलियतों के बाद किसानों के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचना आसान होगा। जिले में एक नवंबर से धान खरीद की शुरुआत होनी है। इसके लिए फिलहाल 57 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। अफसरों का दावा है कि सभी केंद्रों पर बैनर टांग दिए गए हैं। झरना, पंखा, तौल कांटा, ई-पास मशीन सहित अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। उपज लेकर आने वाले पंजीकृत किसानों को क्रय केंद्र से वापस नहीं लौटना होगा। सभी केंद्रों के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है, जो पहले दिन से ही निरीक्षण कर क्रय केंद्रों पर खरीद की रिपोर्ट देंगे। धान खरीद की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए खरीद नीति में सरकार ने कई प्रावधान तय किए थे। इसके तहत किसानों को संबंधित तहसील में ही अपनी उपज बेचना था। सभी किसानों के उत्पादन का सत्यापन जरुरी था। इसके अलावा सोमवार से बृहस्पतिवार तक सिर्फ 50 क्विंटल तक ही कोई किसान धान बेच सकता था। इससे अधिक उपज होने पर शुक्रवार-शनिवार का समय निर्धारित था। इसके चलते किसानों के सामने तमाम दिक्कतें आ गई थी। सर्वाधिक परेशान वह किसान थे, जिनके रकबा अलग-अलग तहसीलों में थे। खरीद प्रक्रिया में संशोधन करते हुए सरकार ने यह व्यवस्था खत्म कर दी है। अब किसान जिले में किसी भी केंद्र पर अपनी उपज बेच सकेंगे। सौ क्विंटल तक उपज होने पर उन्हें सत्यापन से भी छूट दी गई है। राजस्व कर्मी सिर्फ नाम-पता का ही सत्यापन करेंगे।जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी संजय पांडेय ने बताया कि एक नवंबर से धान खरीद की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी। सभी 57 क्रय केंद्रों पर खरीद की तैयारी पूरी कर ली गई है। पहले दिन से ही नोडल अधिकारियों का भ्रमण शुरू हो जाएगा। किसानों को कई सहूलियतें भी दी गई हैं। वह किसी भी केंद्र पर उपज बेच सकेंगे। सौ क्विंटल तक अब सत्यापन नहीं कराना होगा।