सोनभद्र। जिले में कोविड-19 के लगातार बढ़ रहे मामलों को गंभीरता से लेते हुए उच्च न्यायालय प्रयागराज ने अदालतों में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बंदियों की पेशी कराने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जिला कारागार गुरमा प्रशासन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बंदियों की पेशी कराने की तैयारी पूरी कर ली है। जिला कारागार में वर्तमान में 1050 महिला और पुरूष बंदी है। जेल प्रशासन की मानें तो वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेशी शुरू करा दी गई है। बता दें कि पिछले एक सप्ताह से यूपी के साथ ही जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा तेजी से हो रहा है। इसको देखते हुए उच्च न्यायालय ने अदालतों को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बंदियों की पेेशी कराने का निर्देश दिया है। जेल अधीक्षक मिजाजी लाल के अनुसार गुरमा स्थित जिला कारागार में मौजूदा समय में कुल 1050 बंदी निरुद्ध हैं। इसमें 50 महिला बंदी भी शामिल हैं, जो महिला जेल में हैं। उन्होंने बताया कि जिला कारागार में वीडियो कांफ्रेसिंग रूम बनाया गया है। जहां गैर जनपदों के निरुद्ध बंदियों की वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए पेशी कराई जाती है। एक साल से अधिक समय से वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बंदियों की पेशी कराई जा रही है। लोकल कोर्ट में कुछ बंदियों का ट्रायल चल रहा है तो उन्हें और जिनका नया केस है उन्हे वाहन से कोर्ट भेजा जाता है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए अब सभी बंदियों की पेशी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए कराने की कवायद चल रही है। राबर्ट्सगंज जिला न्यायालय परिसर में भी पहले से वीडियो कांफ्रेसिंग रूम बनकर तैयार है। बताया कि आगे उच्चाधिकारियों का जैसा निर्देश होगा वैसा किया जाएगा। सभी बंदियों की पेशी वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए कराए जाने से समय की बचत के साथ-साथ सरकारी खर्च में भी कमी आएगी।