अनपरा। अनपरा ई परियोजना की स्थापना के लिए तैयारी तेज हो गई है। परियोजना परिसर में रह रहे बाहरी लोगों को नोटिस जारी कर शीघ्र परिसर खाली करने की चेतावनी दी गई है। नोटिस मिलने के बाद यहां रहने वालों में खलबली मच गई है। अनपरा में 1600 मेगावाट की ई परियोजना प्रस्तावित है। पिछले दिनों उत्पादन निगम की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पास हो चुका है। बजट के लिए फाइल शासन में भेजी गई है। परियोजना के लिए एनटीपीसी के अधिकारियों संग उत्पादन निगम के अफसरों ने जमीन का निरीक्षण किया था। अनपरा तापीय परियोजना के आवासीय परिसर के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के सभी आवासों को तोड़ने की योजना है। अनपरा गेस्ट हाउस से सटे हाथी पार्क से लेकर, बुद्ध पार्क, पटेल उद्यान, अंबेडकर उद्यान, बालिका विद्यालय, डीएवी विद्युत परिषद, प्रथमिक विद्यालय, आर्य समाज मंदिर, बाबू क्लब से लेकर स्वीपर बस्ती तक का क्षेत्र इसकी जद में आ रहा है। इन आवासों में करीब 600 से अधिक कर्मचारी हैं। उनके लिए नई काॅलोनी भी बनानी हैं। सूत्रों की मानें तो नए आवास बनने तक कर्मचारियों को दो नंबर गेट, एचएससीएल काॅलोनी, डब्लूआई काॅलोनी के आवासों को मरम्मत कराकर शिफ्ट किया जा सकता है। सीआईएसएफ काॅलोनी भी काफी पुरानी होने के कारण कई मकान जर्जर हो चुके हैं। इन्हें भी जापानी काॅलोनी में शिफ्ट करने की योजना है। अनपरा काशी मोड़ मार्ग को बंद कर बाजार जाने के लिए दूसरा रास्ता दिया जाएगा। अनपरा प्रबंधन ने भूमि के संबंध में यहां से अपनी रिपोर्ट निगम को भेज दी है। माना जा रहा है कि बजट आवंटन के साथ फरवरी-मार्च में एनटीपीसी परियोजना परिसर में अपना अस्थाई कार्यालय बना लेगी।