अनपरा नगर के औड़ी-कुबरी मार्ग किनारे डंप कूड़ा। संवाद
अनपरा। नगर गठन के छह साल बाद भी नगर पंचायत प्रशासन कूड़ा निस्तारण के लिए डंपिंग यार्ड की व्यवस्था नहीं कर पाया है। ऐसे में नगर से निकलने वाला कूड़ा सड़क किनारे और खाली स्थानों पर डंप किया जा रहा है। इससे जहां सड़कों की सुंदरता बिगड़ रही है, वहीं राहगीरों को दिनभर दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। कूड़े के ढेर पर छुट्टा पशुओं का जमावड़ा भी दुर्घटना और राहगीरों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। नगर से प्रतिदिन 15 टन से अधिक सूखा और गीला कूड़ा निकलता है। सफाईकर्मी घरों और सड़कों से कूड़ा एकत्र कर टीपर और ट्रैक्टर में भरते हैं। इसके बाद वाहन चालक औड़ी मोड़ से कुबरी मार्ग, कहुआनाला से हनुमान मंदिर जाने वाले मार्ग, काशीमोड़ से अनपरा बाजार जाने वाले मार्ग समेत अन्य खाली स्थानों पर कूड़ा डंप कर देते हैं। सड़क किनारे कूड़ा जमा होने से दुर्गंध के साथ छुट्टा पशुओं का भी जमावड़ा रहता है। कूड़े में भोजन तलाशने वाले पशु कई बार राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे कूड़ा डंप करने की शिकायत कई बार नगर पंचायत से की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। नगर के 21 में से 16 वार्डों की सफाई के लिए करीब 300 कर्मचारी लगाए गए हैं। कर्मचारियों और संसाधनों पर हर माह करीब 35 लाख रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद कूड़ा निस्तारण की ठोस व्यवस्था नहीं है। डंपिंग यार्ड के अभाव में सफाई व्यवस्था का कूड़ा सड़कों पर ही दिखाई दे रहा है।