फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sonebhadra News: नौ विद्युत फीडर चिह्नित, बदले जाएंगे जर्जर तार

विज्ञापन
विज्ञापन
सोनभद्र। नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के जर्जर हो चुके बिजली के तार एवं खंभों को बदलने की कवायद में बिजली विभाग जुटा है। बरसात से पहले जर्जर तारों को बदलने की उम्मीद है। पहले चरण में नौ विद्युत फीडर के जर्जर खंभे एवं तार बदले जाएंगें। दूसरे चरण में अन्य फीडरों के जर्जर तार एवं खंभों को बदलने की प्रक्रिया शुरू होगी। हैदराबाद की कार्यदायी संस्था जर्जर तारों को बदलने का काम कर रही हैं।
विज्ञापन

बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिले में पांच दशक पूर्व लगे बिजली के खंभे और जर्जर तारों को बदलने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से किया जाना है। बिजली विभाग रीवैम योजनान्तर्गत जर्जर तारों को बदलने की प्रक्रिया में जुटा है। पहले चरण में नौ फीडर के जर्जर तार बदले जाने हैं। बिजली विभाग के राबर्ट्सगंज एसडीओ केएस यादव ने बताया कि हैदराबाद की कार्यदायी संस्था जर्जर तार एवं खंभों को बदलने का कार्य कर रही है। इन दिनों राबर्ट्सगंज प्रथम, राबर्ट्सगंज द्वितीय, सलखन एवं गुरमा फीडर के जर्जर बिजली के तार बदले जा रहे हैं। पूर्व में कुछ फीडर के तार बदले जा चुके हैं। शेष जिन चिह्नित फीडर के तार अभी नहीं बदले जा सके हैं, उन फीडरों पर काम जल्द शुरू करने की योजना है। बिजली अधिकारियों के मुताबिक राबर्ट्सगंज और पिपरी डिवीजन में कुल 18 फीडर चिह्नित किए गए हैं, जहां जर्जर हो चुके तार और खंभों को बदला जाना है। इसके अलावा अन्य फीडरों का भी सर्वे कराया जा रहा है।
राबर्ट्सगंज और पिपरी डिवीजन में कुल 18 फीडर चिह्नित किए गए हैं, जहां जर्जर तार एवं खंभे बदले जाने हैं। पहले चरण में नौ फीडरों के तार बदलने की कवायद चल रही है। शीघ्र ही सभी फीडरों के जर्जर तार बदल दिए जाएंगे। इसके लिए कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया गया है। - नीरज गोयल, अधीक्षण अभियंता-बिजली सोनभद्र।
विज्ञापन

गर्मी में बढ़ा लोड, हर रोज फुंक रहे 7-8 ट्रांसफार्मर
सोनभद्र। भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मरों पर भी लोड बढ़ा है। बिजली की खपत बढ़ने से ट्रांसफार्मर अतिरिक्त लोड से जूझ रहे हैं। तापमान में भी गर्मी होने का असर है कि ट्रांसफार्मर जलने की समस्या बढ़ गई है। करीब एक माह पहले तक रोजाना 4-5 ट्रांसफार्मर बिजली विभाग के वर्कशॉप में पहुंच रहे थे। अब इनकी संख्या 7 से 8 हो गई है। ज्यादातर 10, 25 और 63 केवीए के ट्रांसफार्मर हैं। नगरीय इलाकों में तो मोबाइल ट्रांसफार्मर के माध्यम से शीघ्र आपूर्ति बहाल करा दी जा रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। नया ट्रांसफार्मर मिलने तक उपभोक्ता गर्मी में छटपटाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें