सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देते एनएचएम संविदा कर्मी। -स्त्रोत: संगठन
सोनभद्र। समान कार्य-समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का कार्य बहिष्कार शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देकर शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। जिलाध्यक्ष पुष्पेंद्र शुक्ला ने कहा कि एनएचएम कर्मचारी वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन, नियमितीकरण और अन्य जरूरी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। संगठन की प्रमुख मांगों में वेतन विसंगतियों का निराकरण, 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, ईपीएफ का लाभ और मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देना शामिल है। इसके अलावा, प्रतियोगी परीक्षाओं में संविदा कर्मचारियों को 25 प्रतिशत वेटेज देने और कोविड काल में कार्यरत कर्मचारियों को एनएचएम में समायोजित करने की मांग भी उठाई गई है। एनएचएम संविदा कर्मियों की हड़ताल के कारण गांवों में टीकाकरण की व्यवस्था लड़खड़ा गई है। शनिवार को टीकाकरण दिवस होने के बावजूद कई केंद्रों पर टीका नहीं लग सका। केवल उन्हीं जगहों पर टीकाकरण सहित अन्य कार्य चल रहे हैं, जहां स्थायी एएनएम की तैनाती है। कुछ केंद्रों पर ताले लटके मिले। दुद्धी सीएचसी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन में शामिल होने का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है। अनपरा में एनएचएम कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर काम किया।