सोनभद्र। कैमूर वन्य जीव क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद आवास, दफ्तर व अन्य तरह के भवन निर्माण के मामले में एनजीटी ने डीएम समेत नौ लोगों को नोटिस जारी किया है। एक महीने के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आशीष चौबे की याचिका पर एनजीटी ने यह नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई छह फरवरी को होगी।
अधिवक्ता आशीष चौबे ने याचिका में कहा है कि जनपद सोनभद्र अपार प्राकृतिक संपदाओं वाला जिला है। प्राकृतिक संपदाओं का संरक्षण करना हर व्यक्ति का संवैधानिक अधिकार है। बावजूद जिले में पर्यावरण दोहन करने वाले अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए अप्राकृतिक रूप से पर्यावरण, जीव जंतुओं को लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं।
कैमूर वन्य क्षेत्र में आवास, कार्यालय, सड़क का निर्माण नियम विरुद्ध है। इसका संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने डीएम, एसीपी टोलवेज प्राइवेट लिमिटेड, पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार, यूपी राज्य राजमार्ग प्राधिकरण, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, जिला वन अधिकारी, क्षेत्रीय वन अधिकारी कैमूर वन्यजीव सहित नौ लोगों को नोटिस जारी कर एक महीने के अंदर जवाब मांगा है।