सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के चर्चित अखिलेश यादव हत्याकांड में नया मोड़ आया है। मृतक की पत्नी ने उसके भाई, भाभी और मामा की भूमिका संदिग्ध बताते हुए संपत्ति हड़पने और हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। न्यायालय के आदेश पर पन्नूगंज पुलिस ने धोखाधड़ी समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नौडिहा निवासी रामलावती के मुताबिक, उनके पति अखिलेश उर्फ कन्हैया यादव 23 दिसंबर 2025 को नरोत्तमपुर निवासी सूरज पांडेय के साथ घर से निकले थे। दो जनवरी 2026 को उनका शव घाघर मुख्य नहर में मरकरी-अमौली के बीच मिला था। इस मामले में सूरज और उसके साथी बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। रामलावती ने आरोप लगाया कि उनके जेठ धर्मेंद्र यादव और पति के मामा, रायपुर थाना क्षेत्र के बनबहुआर निवासी कांता यादव की भूमिका भी मामले में संदिग्ध है। उनके अनुसार, घटना से करीब एक सप्ताह पहले बेची गई जमीन के रुपये के बंटवारे को लेकर अखिलेश और धर्मेंद्र के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि धर्मेंद्र ने उन्हें धमकी दी थी कि अखिलेश को इस तरह गायब करा दिया जाएगा कि उसका शव नहीं मिलेगा और यदि शव मिला भी तो उसका नाम सामने नहीं आएगा। रामलावती का आरोप है कि 29 जनवरी को शाम करीब सात बजे धर्मेंद्र उनके घर में घुसकर अटैची और उसमें रखे कागजात ले जाने लगा। विरोध करने पर उन्होंने पति का मृत्यु प्रमाणपत्र और रुपये मांगे। इस पर धर्मेंद्र ने कथित तौर पर कहा कि उसने मामा कांता यादव के साथ मिलकर अखिलेश की हत्या कराई है। आरोप है कि उसने रामलावती और उनकी बेटी की भी हत्या कराकर शव गायब करने की धमकी दी और उन्हें नौडिहा छोड़कर चले जाने को कहा। तहरीर में अखिलेश की बाइक गायब करने और उनके हिस्से के साढ़े तीन लाख रुपये हड़पने का भी आरोप लगाया गया है। मृतक की भाभी और सास पर भी कथित साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। पन्नूगंज थाना प्रभारी श्रीनिवास पांडेय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।