सोनभद्र। जिले में पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) से बचाने के लिए चल रहे टीकाकरण अभियान की रफ्तार नेटवर्क की समस्या के कारण प्रभावित हो रही है। शासन के नए निर्देशों के तहत अब टीकाकरण के तुरंत बाद मौके पर ही पशु की रियल टाइम फोटो और पूरी जानकारी ऑनलाइन अपलोड करनी अनिवार्य कर दी गई है। ऐसे में नेटवर्क विहीन और सुदूर क्षेत्रों में तैनात टीमें फीडिंग नहीं कर पा रही हैं, जिससे अभियान की गति धीमी पड़ गई है। 10 ब्लॉक वाले सोनभद्र जिले में 22 जुलाई से 45 दिवसीय टीकाकरण अभियान संचालित है। करीब 5 लाख 34 हजार पशुओं को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके मुकाबले पशुपालन विभाग को शासन से टीका भी मिल गया है। अब तक जिले में 1 लाख 7 हजार 500 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके लिए विभाग ने 27 टीमें गठित की हैं, जिनमें प्रत्येक टीम में 12 से 16 सदस्य शामिल हैं। टीमें गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रही हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जुगैल समेत कई दूरस्थ क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क बेहद कमजोर है। ऐसे स्थानों पर टीकाकरण के बाद रियल टाइम फोटो अपलोड करने और संबंधित पशुपालक के मोबाइल नंबर से ओटीपी जनरेट होने में काफी समय लग रहा है। कई बार फीडिंग पूरी नहीं हो पाती, जिससे टीमों को एक ही स्थान पर लंबे समय तक रुकना पड़ता है। इसका असर प्रतिदिन होने वाले टीकाकरण पर भी पड़ रहा है। बता दें कि जिले के नगवां ब्लॉक के साथ ही चोपन ब्लॉक, घोरावल और कोन ब्लॉक के कुछ इलाकों में नेटवर्क की समस्या बेहद गंभीर है। इलाके के कई गांवों में नेटवर्क संबंधित कार्य करने में दिक्कत आती है।