सोनभद्र। जिला योजना समिति के सदस्य पदों का चुनाव रविवार को गहमागहमी के बीच संपन्न हुआ। निकायों के लिए आरक्षित चार पदों पर नेहा सोनी, रूपेश कुमार, दीपक कुमार और अंजना सिंह को जीत मिली। एससी सीट के लिए आरक्षित सीट पर रूपेश ने सर्वाधिक वोट पाकर एकतरफा जीत दर्ज की तो महिलाओं के लिए आरक्षित सीट का मुकाबला काफी रोचक रहा। सर्वाधिक वोट पाने के बावजूद गायत्री देवी को हार का मुंह देखना पड़ा।वार्षिक जिला योजना तय करने में निकायों की भागीदारी के लिए सदस्य के चार पद हैं। जिले की दस निकायों में स्थित 144 वार्डों से निर्वाचित सदस्य ही इसके लिए योग्य हैं। नामांकन प्रक्रिया में चार सीटों के लिए कुल नौ नामांकन हुए थे। रविवार को सुबह आठ बजे से कलेक्ट्रेट परिसर में मतदान शुरू हुआ। सकुशल चुनाव कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। भारी फोर्स कलेक्ट्रेट गेट पर तैनात रही। यहां से पहचान पत्र के मिलान के बाद ही मतदाताओं को अंदर प्रवेश दिया गया।
सहायक निर्वाचन अधिकारी रमाशंकर यादव के निर्देशन में तीन बजे तक चली मतदान प्रक्रिया में कुल 144 मतदाताओं के सापेक्ष 111 ने मतदान में हिस्सा लिया। इसके बाद मतों की गिनती शुरू हुई। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पद पर चुर्क-घुर्मा नगर पंचायत के सदस्य रूपेश कुमार ने एकतरफा 97 मत पाकर जीत दर्ज की। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी पूनम देवी (11) को हराया। तीन वोट निरस्त हो गए। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित पद पर कड़ा मुकाबला रहा। इस पद पर नगर पालिका की सभासद नेहा सोनी निर्वाचित हुईं। उन्हें 57 वोट मिले। नेहा ने शिखा वर्मा (53) को हराया। एक वोट निरस्त हुआ। वहीं अनारक्षित पद पर त्रिकोणीय मुकाबले के बीच घोरावल के वार्ड नंबर छह से निर्वाचित सदस्य दीपक कुमार को जीत हासिल हुई। दीपक को कुल 44 वोट प्राप्त हुए। महिलाओं के लिए आरक्षित पद पर नगर पंचायत रेणुकूट की सभासद अंजना सिंह 53 वोट पाकर निर्वाचित हुईं। उनकी प्रतिद्वंद्वी गायत्री देवी को 57 वोट मिले। एक वोट निरस्त रहा। परिणाम की घोषणा के बाद समर्थकों ने जीत का जश्न मनाया। विजेता उम्मीदवारों को फूल-मालाओं से लादकर गर्मजोशी से स्वागत किया।
सहायक चुनाव अधिकारी ने बताया कि नियमावली के तहत किसी एक निकाय से सिर्फ एक सदस्य को ही चुना जा सकता है। पहले खुले बॉक्स में नगर पालिका सोनभद्र से अन्य पिछड़ा वर्ग की उम्मीदवार नेहा सोनी निर्वाचित हो चुकी थीं। लिहाजा तीसरे बॉक्स में नगर पालिका क्षेत्र की प्रत्याशी गायत्री देवी को अधिक वोट प्राप्त हाेने के बाद भी पराजित होना पड़ा।
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ऐसे हुई गिनती
जिला योजना सदस्य के चार पद अलग-अलग वर्ग के लिए आरक्षित थे। नियमों के तहत सबसे पहले अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट का परिणाम घोषित होना था। इसके बाद ओबीसी और फिर महिला के लिए आरक्षित सीट का बॉक्स खोला गया। सबसे अंत में अनारक्षित सीट की गिनती की गई। चूंकि ओबीसी सीट से नगर पालिका क्षेत्र से एक उम्मीदवार की जीत हो चुकी थी। लिहाजा इसका लाभ रेणुकूट की सदस्य अंजना सिंह को मिला।