एनसीएल दुद्धीचुआ क्षेत्र से कम कोयला के जगह ज्यादा कोयला भरकर पार हो रहे ट्रकों के मामले में एनसीएल प्रबंधन ने कांटा बाबू को निलंबित कर दिया है। माना जा रहा है कि इस मामले में और लोगों पर गाज गिर सकती है।
कम की पर्ची पर अधिक कोयला उठान कर एनसीएल को बड़ा चूना लंबे समय से लगाया जाता रहा है। हालिया मामले में एक श्रमिक नेता, कांटा बाबू व कुछ अन्य जिम्मेदारों की भूमिका संदेह के घेरे में है। कोयला ढुलाई में लगे तीन ट्रकों की शुक्रवार रात सुरक्षा अधिकारी ने जांच किया था। जांच के दौरान दो ट्रकों पर पर्ची (चालान) पर अंकित मात्रा से करीब 33 टन अधिक कोयला लोड किया गया था। इस मामले में एनसीएल प्रबंधन ने सख्त रूख अपनाते हुए दुद्धीचुआ में तैनात एक कांटा बाबू (सहायक क्लर्क) को निलंबित कर दिया। पकड़ में आए दोनों ट्रकों को काली सूची मेें डाल दिया गया है। यह ट्रकेें अब एनसीएल की किसी खदान में प्रवेश नहीं कर पाएंगी। एनसीएल प्रवक्ता रामविजय सिंह ने निलंबन कार्रवाई की पुष्टि की। बताया कि मामले में दोषी पाए गए सहायक सत्येंद्र सिंह को तत्काल निलंबित कर जांच शुरू कर दी गई है। कोई अन्य दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। शुक्रवार रात सुरक्षा विभाग को इन पर लदा कोयला देखकर शक हुआ था। ट्रकों का दोबारा वजन कराया गया तो एक ट्रक में 24 टन की जगह लगभग 39 टन जबकि दूसरे ट्रक में 30 की जगह वजन 47 टन आया था।