प्रधानाचार्य एके सिंह ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पाठ्य सहगामी क्रियाएं विद्यार्थियों के नैसर्गिक विकास में सहायक होती हैं। प्रत्येक बच्चे के अंदर कोई न कोई कला होती है लेकिन उचित माहौल न होने के कारण हम उसे उभार नहीं पाते। ऐसे में इस तरह के आयोजन न केवल प्रतिभाओं को निखारते हैं, बल्कि उनकी झिझक मिटाकर आगे बढ़ने का मार्ग भी प्रशस्त करते हैं। रंगारंग कार्यक्रमों में देशभक्ति आधारित गीत, नृत्य के साथ अन्य कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे। इस मौके पर काटो-साटो प्रतियोगिता के साथ खेलकूद प्रतियोगिता कराई गई। प्रधानाचार्य एके सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता का परिणाम सोमवार को घोषित किया जाएगा।