रेणुकूट। किसानों के आयवर्धन के लिए हिंडाल्को ग्रामीण विकास विभाग रेणुकूट की ओर से दुद्धी तहसील में उन्नत खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में आदित्य बिड़ला रूरल टेक्नोलॉजी पार्क में सोमवार को दो दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की सहयोगी इकाई कृषि उपयोगी सूक्ष्म जीव ब्यूरो मऊ ने हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से 50 अनुसूचित जनजाति के लाभार्थियों को आईसीआर के प्रधान वैज्ञानिक आलोक श्रीवास्तव एवं उनकी टीम के सदस्यों ने प्रशिक्षण दिया। डॉ. आलोक ने कार्यशाला में किसानों को मशरूम उत्पादन की विधि बताई गई। उन्होंने सामान्य भूसे या पुआल के भूसे को शोधित कर पॉलीथीन में भरकर पिंडी बनाकर मशरूम के बीज की बुआई की विधि के बारे में जानकारी दी। मशरूम की खेती के लिए उपयोगी प्लास्टिक की बड़ी बाल्टी, बड़े, छोटे भगोने, भूसा सुखाने के लिए प्लास्टिक की दरी इत्यादि सामग्री आईसीआर ने प्रत्येक किसान को मशरूम की खेती करने के लिए उपलब्ध कराया। धन्यवाद ज्ञापित करते हुए हिण्डाल्को ग्रामीण विकास विभाग प्रमुख अविजीत ने कहा कि कृषि उपयोगी सूक्ष्म जीव ब्यूरो मऊ की टीम ने किसानों को जो प्रशिक्षण दिया है वह उपयोगी और आयवर्धक है। इसका लाभ उठाकर किसान अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के अनुनय कुमार, राजेश सिंह, प्रशांत कुशवाहा आदि मौजूर रहे।