सोनभद्र। पॉलीटेक्निक की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों का रूझान मैकेनिकल प्रोडक्शन और कंप्यूटर साइंस में अधिक है। सिविल इंजीनियरिंग भी उनका चहेता विषय है। जिले में संचालित राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेजों के इन ट्रेडों में पढ़ाई के लिए सर्वाधिक दाखिले हुए हैं। प्रवेश की प्रक्रिया चार दिसंबर तक चलेगी। यहां पीजी डिप्लोमा कोर्स अभी चालू नहीं हुआ है। जिले में तीन राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज संचालित हैं। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट पास करने के बाद छात्र-छात्रा खुद का कौशल निखारने के लिए तकनीकी शिक्षा पर जोर दे रहे हैं। इसमें पॉलीटेक्निक की पढ़ाई उनका अहम विकल्प बना हुआ है। राजकीय पॉलीटेक्निक लोढ़ी राबर्ट्सगंज के प्रधानाचार्य विजेंद्र सिंह ने बताया कि उनके यहां सिर्फ मैकेनिक प्रोडक्शन की कक्षाएं चलती हैं। इसके लिए 75 सीट निर्धारित है। इसके सापेक्ष अब तक 72 सीटों पर प्रवेश हो चुकी है। शेष तीन सीट पर प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है। राजकीय पॉलीटेक्नीक चोपन की कक्षाएं भी इस समय लोढ़ी में संचालित हो रही है। चोपन में तीन ट्रेडों से पढ़ाई चल रही है। इसमें मैकेनिकल आटो में 75 सीट के सापेक्ष 68, कम्प्यूटर साइंस में 75 सीट के सापेक्ष 70 सीटों पर अब तक दाखिला हो गया है। वहीं सबसे कम इलेक्ट्रानिक इंजीनियरिंग में बच्चों का रुझान है। निर्धारित 75 सीट के सापेक्ष महज 44 सीटों पर ही अब तक एडमिशन हुआ है। राजकीय पॉलीटेक्नीक सिन्दुरिया के प्रधानाचार्य अजय सिंह ने बताया कि उनके यहां भी तीन ट्रेड से पढ़ाई चल रही है। यहां सिविल इंजीनियरिंग में सर्वाधिक 75 सीट में 71 सीट पर बच्चों ने एडमिशन कराया है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अब तक 70 बच्चों का दाखिला हुआ है। इलेक्ट्रिक एंड इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग में भी 70 बच्चों ने एडमिशन कराया है। बताया कि चार दिसंबर तक एडमिशन लिया जाएगा। पॉलीटेक्नीक दूसरे वर्ष में भी प्रवेश की प्रक्रिया चल रही है।