राबर्ट्सगंज में कुल लोग बिना हेलमेट बाइक से सफर करते लोग।
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सोनभद्र। जिले में जनवरी माह से अब तक खूनी सड़कों पर 40 दिनों में 40 से अधिक मौतें हुई हैं। पुलिस की ओर से चलाया जा रहा यह सड़क सुरक्षा माह कैसा है कि न तो हादसे कम हुए और न ही लोगों में जागरूकता दिखाई दे रही। यातायात पुलिस का दायरा बस ऑनलाइन चालान काटने तक ही सिमटा रहा। एक ओर जहां लोग सड़क सुरक्षा केेेे नियमों को मानने को तैयार नहीं हैं। तो वहीं पालन कराने वाले अधिकारी भी बेपरवाह बने हुए हैं। नतीजा यह है कि सड़कों पर डग्गामार वाहन फर्राटा भर रहे हैं। तो वहीं दो पहिया वाहन चालक बिना हेटमेट के ही सड़कों पर बाइक दौड़ा रहे हैं। सीट बेल्ट के प्रयोग की बात करना ही यहां बेमानी होगी। मानकों का उल्लंघन कर सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों पर यातायात हो या फिर एआरटीओ विभाग दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए कोई तैयार नहीं है। नशे में बड़े वाहन चालक हाईस्पीड से गाड़ी दौड़ा रहे हैं। जिला अस्पताल लोढ़ी के आकड़ों पर गौर करें तो 1 जनवरी से 9 फरवरी के बीच सड़क दुर्घटना में काल के गाल में समाने वाले 29 लोगों का पोस्टमार्टम किया गया है। वहीं इसी दौरान सीएचसी दुद्धी में दर्जन भर से अधिक ऐसे शवों का पोस्टर्माटम हो चुुका है। ऐसे में 40 दिनों में 40 से अधिक मौतें तमाम दावों और अभियानों की धज्जियां उड़ा रही हैं। फिलहाल दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है और लोग मौत का शिकार हो रहे है। सड़क सुरक्षा माह के समापन के अगले ही दिन 6 फरवरी को 24 घंटों में सात जिंदगियां हादसों की भेंट चढ़ गई। पिपरी में दोस्त की जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे बाइक सवार तीन दोस्तों को ट्रेलर ने रौंद दिया। तो अनपरा में अपनी शादी का कार्ड बांटकर घर जा रहा युवक बेकाबू ट्रक की चपेट में आ गया। घोरावल में संत रविदास की जयंती मनाकर घर लौट रहे युवक की बाइक सड़क किनारे लगे पोल से टकरा गई। जबकि करमा थाना क्षेत्र में कॉलेज जा रही स्नातक की छात्रा को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। इनमें सात लोगों की मौत हो गई। यातायात प्रभारी प्रमोद यादव ने बताय कि सड़क दुर्घटना में कई मौतें ऐसी होती है, जिनमें बाइक सवार अगर हेलमेट पहने होते तो उनकीं जिंदगी बचने की संभावना अधिक होती। बाइक चलाते समय हेलमेट का उपयोग करें। चार पहिया वाहनों के चालक सीट बेल्ट जरूर लगाएं। नशे का सेवन कर गाड़ी ना चलाएं।