सोनभद्र। साहब, हमने आवेदन किया, लेकिन लोन का एक भी पैसा नहीं मिला। बैंक जाकर खाते में चेक तो बैंक वालों ने बताया कि पैसा नहीं आया है। साल भर बाद रिकवरी के लिए आए और तीन हजार रुपये ब्याज भी मांगने लगे। जब पैसा मिला ही नहीं तो उसे वापस कैसे करें। बृहस्पतिवार को नगर के विवेकानंद प्रेक्षागृह में स्वनिधि महोत्सव के दौरान महिला विमला देवी ने मंच पर पहुंचकर अपनी पीड़ा बताई तो सभी सन्न रह गए। विधायक और अधिकारियों ने यह कहते हुए महिला को योजना का प्रमाण पत्र थमाया कि बाहर काउंटर पर पहुंचिए सब पैसा दिलाया जाएगा। सभागार से बाहर जाने के बाद महिला काउंटर पर बैठी रही। अधिकारी उसके पास तक आए, लेकिन समाधान नहीं कर पाए। बाद में वह मायूस होकर लौट गई।
विमला देवी दंडइत बाबा मंदिर परिसर के बाहर पूजन सामग्री बेचती हैं। पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभ पाने पर उन्हें प्रमाण पत्र देने के लिए कार्यक्रम में बुलाया गया था। संचालक के पुकारने पर मंच तक पहुंची विमला देवी को अपनी सफलता की कहानी बताने के लिए माइक थमाया गया तो वह अपनी पीड़ा बताने लगी। यह सुनते ही वहां मौजूद विधायक, अफसर सब झेंप गए। किसी तरह महिला को शांत कराते हुए जांच कर समाधान का भरोसा दिलाया।
नगर पालिका व डूडा के संयुक्त संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सदर विधायक भूपेश चौबे ने स्वनिधि योजना के तहत प्रथम, द्वितीय लोन, क्यूआर कोड व अधिक लेन-देन करने वाले दस लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। डिजिटल लेन-देन में सहयोग करने वाले नगर पालिक के तीन कर्मचारियों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। इसके अलावा पांच लाभार्थियों को परिचय बोर्ड वितरित किया। उन्होंने नवनिर्वाचित सभासदों को अपने क्षेत्र के पटरी दुकानदारों को योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रेरित किया। परिसर में स्टाल लगाकर विभिन्न बैंकों व विभागों की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में एडीएम सहदेव मिश्र, पीओ डूडा राजेश कुमार उपाध्याय, एलडीएम अरुण पांडेय, उपायुक्त उद्योग आरपी गौतम, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता, रमेश जायसवाल आदि मौजूद रहे।
स्वनिधि योजना से लोन लिया, अब कमा रहे 50 हजार
स्वनिधि महोत्सव के दौरान चाय विक्रेता बृजेश पांडेय ने बताया कि उसने दस हजार रुपये का लोन लेकर अपनी चाय की दुकान खोली। इस मदद ने उसके व्यापार को बड़ा सहारा दिया। वह चाय बेचकर हर माह 40-50 हजार रुपये का व्यवसाय कर रहे हैं।
सर्वर फेल से नहीं हो सका रजिस्ट्रेशन
महोत्सव के दौरान उद्योग विभाग ने कैंप लगाकर व्यापारियों के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था की थी, लेकिन एन वक्त पर पोर्टल न चलने से रजिस्ट्रेशन न हो सका। काउंट पर पहुंचे व्यापारी पूछताछ कर चलते बने।