अस्पताल परिसर में जलाई गई दवा।
- फोटो : SONBHADRA
सोनभद्र। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सरकार की कोशिशों पर जिम्मेदारों की लापरवाही भारी पड़ रही है। सरकारी अस्पताल में मरीजों में वितरण के र्लिए आईं दवाएं जलाने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ है। यह वीडियो सीएचसी वैनी का बताया जा रहा है। बड़ी मात्रा में दवाएं जलाने से लोग सकते में है। वीडियो वायरल होने के बाद सीएमओ ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की है। उधर, सीएचसी के डॉक्टर-कर्मचारी पूरे मामले में मौन साध गए हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को निशुल्क दवा उपलब्ध कराने के लिए हर माह शासन की ओर से दवाओं की बड़ी खेप उपलब्ध कराई जाती है। जिले के कई अस्पतालों पर मरीजों को यह दवा उपलब्ध कराने की बजाय बाहर की दुकानों से खरीदने के लिए विवश किया जाता है। इसके पीछे संबंधित दवा उपलब्ध न होने की दलील देते हैं। पिछले दिनों जिला अस्पताल, दुद्धी सीएचसी सहित कई ग्रामीण अस्पतालों के निरीक्षण में मरीजों को बाहर की दवा लिखने की बात सामने आई थी। तब जिम्मेदारों ने दवाओं की कमी का हवाला दिया था। वहीं दूसरी ओर सीएचसी परिसर में बड़ी मात्रा में सरकारी दवाओं को जलाने का वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। वायरल वीडियो दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। दावा है कि यह वैनी सीएचसी का है। इस सीएचसी के अंतर्गत नक्सल प्रभावित दूरदराज के गांव शामिल हैं, जहां अधिसंख्य आबादी गरीब है। उनमें वितरण के लिए आई दवाओं को जलाए जाने से लोग हैरत में हैं। इस मामले में सीएचसी प्रभारी डॉ. एसके वर्मा से संपर्क किया गया तो वह कुछ भी बोलने से कतराते रहे। वहीं सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर का कहना था कि मामला संज्ञान में आने के बाद जांच के लिए दो सदस्यीय टीम गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।