जिले में कई मेडिकल स्टोर पर नशीली दवाएं बेचने का मामला प्रकाश में आया है। मेडिकल संचालकों पर सख्ती बरतने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश दिया है। पुलिस रोक के बाद भी नशीली दवाएं बेचने वाले मेडिकल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के निर्देश पर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सूत्रों की मानें तो गांजा, हेरोइन समेत अन्य मादक पदार्थों पर अंकुश लगने से नशेड़ियों ने तरह तरह के नशे अपनाने शुरू कर दिए। ऐसे में बाजार में बिकने वाली प्रतिबंधित दवाओं का सेवन आम बात हो गई है। इसका मेडिकल स्टोर वाले भरपूर फायदा उठा रहे हैं। कुछ मेडिकल स्टोर की दुकानदारी तो मात्र इस पर निर्भर है। सरकारी अस्पताल से दवा मुफ्त मिलने से मंदी की मार झेल रहे मेडिकल स्टोर ने इसे मुनाफे का धंधा समझ लिया है। राबर्ट्सगंज, ओबरा, रेनुकूट, अनपरा, रामगढ़, घोरावल समेत अन्य कस्बों स्थित कई मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाएं धड़ल्ले से बिक रही है। हालांकि पुलिस ने प्रतिबंधित नशे की दवाओं को बेचने वालों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है। एसपी ने मातहतों को प्रतिबंधित नशीली दवाओं को बेचने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
मातहतों को नशीली दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर संचालकों को चिह्नित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अवैध ढंग से नशीले पदार्थों का कारोबार करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। - डॉ. यशवीर सिंह, पुलिस अधीक्षक, सोनभद्र।