घोरावल। बहुचर्चित उभ्भा गांव से सटे मरनी गांव में पिछले दिनों जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में हुए विवाद के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। शनिवार को राजस्व, वन, सर्वे और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने गांव पहुंचकर 985 बीघा जमीन की नापी कराई।
इमलीपोखर ग्राम पंचायत के मरनी गांव में एक ही नंबर में करीब 985 बीघा वन विभाग की जमीन के एक बड़े हिस्से पर जोत कोड़ व कब्जे को लेकर दो पक्षों में विवाद चल रहा है। इसी विवाद में 30 अक्तूबर की रात दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने हो गए थे। गनीमत रही कि एसडीएम-सीओ के नेतृत्व में भारी फोर्स ने गांव पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। इसके बाद एसडीएम ने विवाद निस्तारण के लिए दस सदस्यीय टीम गठित कर जांच और नापी का निर्देश दिया।शनिवार को नापी के दौरान कई आदिवासी परिवारों का मकान वन भूमि में पाया गया। इस संबंध में उपस्थित अधिकारियों ने काश्तकारों, ग्राम समाज की जमीन की नापी कराने और उसे अलग किए जाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया। इस अवसर पर सीओ संजीव कटियार, तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव के नेतृत्व में भारी फोर्स मौजूद रही। आदिवासी और काश्तकारों ने उनके कास्ट की जमीन की नापी करा कर अलग किए जाने की मांग की है। इस संबंध में तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव ने बताया कि राजस्व विभाग और सर्वे विभाग की टीम द्वारा मरनी गांव में वन विभाग की 985 बीघा जमीन की नापी की गई।