आदिवासी क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए म्योरपुर सीएचसी को उच्चीकृत किया जाएगा। यहां 20 बेड का नया अस्पताल बनेगा। नए बेड बढ़ने के साथ म्योरपुर सीएचसी में सौ बैड हो जाएंगे। डॉक्टर-कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। स्वास्थ्य सुविधाओं में भी इजाफा किया जाएगा।
म्योरपुर जिले का सबसे दुरुह और पिछड़ा क्षेत्र है। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में हर साल कइयों की जान चली जाती है। जिला मुख्यालय से दूरी के चलते लोगों को तत्काल बेहतर चिकित्सा भी उपलब्ध नहीं हो पाती। इसका लाभ झोलाछाप उठा रहे हैं। आदिवासी बहुल क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए म्योरपुर सीएचसी को उच्चीकृत करने की तैयारी शुरू हो गई है। आपात स्थिति में एक बेड पर दो-तीन मरीजों के भर्ती करने की स्थिति से निजात मिलेगी। सीएचसी में जल्द ही 20 बेड के चिकित्सालय का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए जमीन चिन्हित कर दी गई है। कार्य का आवंटन भी हो गया है। वर्तमान में यहां 50 बेड के मातृ-शिशु चिकित्सालय के अलावा 30 बेड का वार्ड संचालित होता है। ऐसे में कुल 80 बेड के म्योरपुर सीएचसी पर शासन स्तर से बीस बेड और बढ़ाने को मंजूरी के बाद यह अस्पताल अब सौ बेड का होगा। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि म्योरपुर सीएचसी में 20 बेड और बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। नए बेड बढ़ने से आने वाले दिन में लोगों को और सुविधा मिलने लगेगी।
बेड बढ़ने के साथ बढ़ेंगी सुविधाएं
म्योरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 20 बेड बढ़ने के साथ ही यहां सुविधाएं भी बढ़ जाएंगी। इनकी बात करें तो यहां तमाम तरह की जांच के लिए आकर पड़ी मशीनें अभी तक एक्टिव नहीं हो सकती हैं। उन्हें लैब टेक्नीशियन की भर्ती कराकर क्रियाशील कराया जाएगा। इसके साथ ही यहां स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी, जिससे लोगों के तमाम तरह के रोगों का उपचार भी आसानी से हो जाया करेगा।