जिले में निर्माणाधीन स्वशासी मेडिकल कॉलेज के संचालन की कवायद तेज हो गई है। जिला अस्पताल में संचालित आर्थो, सर्जरी, मेडिसिन सहित कई विभागों को 200 बेड वाले एमसीएच विंग में शिफ्ट करने की तैयारी है। इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना काल के बाद से ही बंद एमसीएच विंग काे दुरुस्त किया जा रहा है। अगले माह में होने वाले एनएमसी टीम के निरीक्षण से पहले जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जिम्मेदार लगे हैं।
चार राज्यों की सीमा पर स्थित सोनभद्र जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ से अधिक लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा है। रौंप में एकेडमिक भवन, लैब, प्रशासनिक भवन, प्रोफेसर, कर्मचारी आवास का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। अब सिर्फ फिनिशिंग का काम बाकी है। वहीं, लोढ़ी स्थित जिला अस्पताल परिसर में बन रहे 200 बेड अस्पताल भवन और कांफ्रेंस हाॅल के निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है। काॅलेज में सत्र 2024-25 से एमबीबीएस पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए संकाय सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग में मान्यता के लिए अनुमति मांगी है। इसके साथ ही निर्माणाधीन स्वशासी कॉलेज को मान्यता दिलाने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए उपकरण और फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया भी चल रही है। स्वशासी मेडिकल कॉलेज में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम अगले माह आ सकती है। इसके लिए कमियों को दुरुस्त किया जा रहा है। एनएमसी की मान्यता मिलने के बाद यहां एमबीबीएस की पढ़ाई और मरीजों का उपचार एक साथ शुरू हो जाएगा। मेडिकल काॅलेज में 711 नियमित पद के साथ ही संविदा और आउटसोर्सिंग के करीब 1300 पद सृजित किए गए हैं। अगर मान्यता मिली तो 100 सीटों पर शैक्षिक सत्र में पहला बैच शुरू होगा। एमबीबीएस प्रथम सत्र के लिए लैब तैयार करने को लेकर भी तैयारी हो रही है। इसी क्रम में जरूरी पांच सौ बेड के मानक को भी पूरा होना है। ऐसे में पूर्व में सपा सरकार में 8900 लाख रुपये खर्च कर निर्मित दो सौ बेड के एमसीएच विंग में अब कुछ प्रमुख विभागों की ओपीडी और वार्ड सहित कई सेवाएं इसी बिल्डिंग में मिलेंगी। पहले अस्पताल को कोविड अस्पताल के रूप में प्रयोग किया गया था। अब इसके साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं को दुरूस्त किया जा रहा है।
जल्द होना है लोकार्पण
मेडिकल कॉलेज का निर्माण तय समयसीमा से काफी विलंब से चल रहा है। पहले इसे वर्ष 2022 के चुनाव से पहले ही तैयार होना था, लेकिन कोरोना काल के चलते कार्य में देरी हुई। पिछले सत्र में भी संचालन की तैयारी थी। जिला अस्पताल को एक अप्रैल से मेडिकल कॉलेज से संबद्ध भी कर दिया गया, लेकिन एकेडमिक भवन सहित अन्य हिस्सों का काम पूरा न होने से लोकार्पण को टाल दिया गया। अब 2024 के चुनाव से पहले हर हाल में कॉलेज के लोकार्पण का लक्ष्य है। इसके मद्देनजर निर्माण को तेजी दी गई है।
स्वशासी मेडिकल कॉलेज को मान्यता दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। मानकों के आधार पर व्यवस्थाओं को बेहतर करने का निरंतर प्रयास जारी है। आने वाले दिनों में एनएमसी की टीम निरीक्षण को पहुंचेगी। 200 बेड के भवन में कई विभागों को जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा। सोनभद्र में मेडिकल काॅलेज के संचालन से लोगों को काफी सहूलियत होगी। - डॉ. एसके सिंह, प्राचार्य मेडिकल काॅलेज।