सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती से घर में घुसकर दुष्कर्म और गर्भ ठहरने पर उसे जबरिया दवा खिलाकर गर्भपात कराने के मामले में अदालत ने दोषी संतोष पासवान को 10 वर्ष कठोर कैद की सजा सुनाई है। एफटीसी/सीएडब्लू विपिन कुमार तृतीय की अदालत ने बृहस्पतिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए 50 हजार अर्थदंड भी लगाया। इसकी अदायगी न करने पर छह माह तक अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन के मुताबिक पीड़िता ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में 9 जून 2017 को तहरीर दी थी। बताया था कि बगथरी निवासी संतोष पासवान फरवरी 2017 को सुबह 11 बजे के करीब माचिस मांगने के बहाने घर में घुस गया। अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। डरा-धमकाकर आगे भी कई बार दुष्कर्म किया। गर्भ ठहरने पर जबरिया दवा खिला दी। तबीयत बिगड़ने पर युवती ने घरवालों को आपबीती बताई। इसके बाद थाने पहुंचकर तहरीर दी। मामले में जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद दुष्कर्म की पुष्टि होने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। पीड़िता के अलावा चिकित्सकीय परीक्षण करने वाली डॉ. गीता और विवेचना करने वाले तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार मिश्रा का भी बयान दर्ज किया गया। दोषसिद्ध पाए जाने पर बृहस्पतिवार को सजा के मसले पर सुनवाई की गई। बचाव पक्ष ने जहां कम से कम दंड देने की याचना की। वहीं विशेष लोक अभियोजक ने घटना को गंभीर बताते हुए ज्यादा से ज्यादा दंड देने की अपील की। न्यायालय ने कहा कि महिला संबंधी अपराध में ऐसा दंड दिया जाना चाहिए ताकि ऐसे अपराधों के विरुद्ध समाज में एक संदेश जाए।