सोनभद्र। फाइनेंस कंपनी से ऋण लेने वाले व्यक्तियों को फर्जी रसीदें थमाकर 11.71 लाख हड़पने वाले कस्टमर सर्विस ऑफिसर को सोमवार की देर शाम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में ग्राहकों से ऋण की किस्त वसूलकर कंपनी में जमा करने के बजाय निजी उपयोग में लाने और ग्राहकों को झांसा देकर कूटरचित रसीदें थमाने की पुष्टि के बाद मंगलवार की दोपहर उसका चालान कर दिया गया। पैसालो डिजिटल लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट अनूप कुमार सक्सेना ने गत 15 जून को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनके यहां कस्टमर सर्विस ऑफिसर के पद पर कार्य करने वाला मूलत: शिवखरी (केकराही) निवासी, हाल पता गैगुआर, बिच्छी का रहने वाले संजय मौर्य ने 1171814 रुपये का गबन कर लिया है। उसने यह धनराशि ऋणदाताओं से वसूला था जिसे कंपनी में जमा करना था लेकिन वह इसे हड़पकर गायब हो गया। दावा किया गया था कि अब भी वह ऋणदाताओं को भ्रम में रखकर उन्हें फर्जी रसीद थमाते हुए किस्त वसूली की धनराशि हड़पने में लगा हुआ है। मामला दर्ज कर जांच की। राॅबर्ट्सगंज कोतवाली प्रभारी धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक मिली सूचना के आधार पर लोढ़ी चौकी इंचार्ज उमाशंकर यादव की अगुवाई वाली टीम ने सोमवार की देर शाम चंडी तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद मंगलवार को उसका चालान कर दिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पैसालो डिजिटल लिमिटेड कंपनी में कार्य करता था। उसका काम कंपनी के ऋणधारियों से ऋण की किस्त एवं अन्य देय धनराशि प्राप्त कर कंपनी में जमा कराना था। लालच में आकर वह ग्राहकों से प्राप्त धनराशि को कंपनी में जमा करने के बजाय निजी कार्यों में खर्च कर देता था। ग्राहकों को मोबाइल से रसीदों को एडिट कर देता था।