अनपरा। लॉकडाउन से 2630 मेगावाट की अनपरा तापीय परियोजना की आग लगने के कारण बंद हुई अनपरा डी की सातवीं इकाई की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम की अनपरा डी तापीय परियोजना की सातवीं इकाई के टरबाइन जनरेटर में विगत 13 नवम्बर 2019 को अचानक आग लगने से चार सहायक अभियंता झुलस गए थे। इसके चलते परियोजना की 500-500 मेगावाट की छठवीं और सातवीं इकाई से उत्पादन ठप हो गया था। घटना में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। बता दे कि आग से बुरी तरह से जले टरबाइन को रिपेयर करने का प्रयास किया जा रहा है परंतु टरबाइन निर्माता बीएचईएल के पास मौजूदा समय मे 500 मेगावाट की कोई भी टरबाइन के पार्ट्स मौजूद ना होने के कारण कछुआ गति से चल रहे कार्य को कोरोना वायरस के कारण देश मे जारी लाकडाउन से काफी झटका लगा है। विगत 6 माह से बंद हुए इस इकाई से उत्पादन शुरू होने में साल भर से अधिक का समय लगने का अंदेशा हैं। सूत्रों की माने तो इकाई को शुरू कराने की दिशा में उत्पादन निगम मुख्यालय लखनऊ द्वारा भी सुस्त गति अपनाई जा रही है। ऐसे में गर्मी के मौसम में प्रदेश में बिजली की डिमांड बढ़ने पर महंगी बिजली खरीदनी पड़ सकती हैं। इस सम्बंध में अनपरा तापीय परियोजना के सीजीएम एच पी सिंह का कहना है कि लाकडाउन में बीएचईएल का आफिस बंद चल रही हैं जिसके कारण अनुरक्षण की कार्रवाही अधर में है लाकडाउन खत्म होने के बाद कार्य में तेजी आएगी।