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Sonebhadra News: आरओबी निर्माण के दौरान डायवर्जन रूट पर यातायात सुगम रखना सबसे बड़ी चुनौती

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रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रासिंग पर सोमवार की सुबह  बैरिकेडिंग किए जाने पर वाहनों की लगी लंबी कतार। स
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सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रॉसिंग (गेट संख्या 37) पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण का कार्य मंगलवार से गति पकड़ने जा रहा है। इसके साथ ही रेलवे क्रॉसिंग से वाहनों का आवागमन बंद कर चार पहिया और भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। हालांकि डायवर्जन लागू होते ही प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन मार्गों पर यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने की होगी। कारण यह है कि जिन सड़कों को डायवर्जन रूट बनाया गया है, वहां कई स्थानों पर अंधे मोड़ हैं, सड़कें अपेक्षाकृत संकरी हैं और अधिकांश स्थानों पर पर्याप्त चेतावनी संकेतक भी नहीं लगे हैं। इससे हादसे होने का अंदेशा जताया जा रहा है। रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए मशीनों की शिफ्टिंग शुरू हो चुकी है। सोमवार की सुबह रॉबर्ट्सगंज-रामगढ़ मार्ग पर बैरिकेडिंग करते हुए ओवरब्रिज निर्माण के लिए आई भारी मशीनों को सड़क पर उतारा गया। इस दौरान जाम की स्थिति भी बनी रहीं। मशीन शिफ्टिंग के पश्चात वाहनों का आवागमन शुरू हो सका। रेलवे परियोजना प्रबंधक की मानें तो मंगलवार से रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रासिंग पर आरओबी निर्माण का प्रारंभिक कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया जाएगा। आरओबी निर्माण के लिए लोड टेस्टिंग का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है, जो सफल रहा। मंगलवार से रूट डावर्जन भी शुरू हो जाएगा। इसके लिए जगह-जगह संकेतक बोर्ड लगाने के लिए मंगा लिए गए हैं। भारी वाहनों को बेलखुरी–मझिगाई–मधुपुर मार्ग से होकर गुजारा जाएगा। इस मार्ग से चलने वाले ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों को रामगढ़ तरफ जाने और आने के लिए करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। वहीं रॉबर्ट्सगंज से रामगढ़-खलियारी जाने-आने वाले चार पहिया वाहनों के लिए बेलखुरी–बनौरा–तेंदू मार्ग निर्धारित किया गया है। इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को करीब 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना होगा। डायवर्जन लागू होने के बाद इन दोनों मार्गों पर सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक वाहनों का दबाव रहने की संभावना है। रूट डायवर्जन वाले मार्गो पर यदि सुरक्षा इंतजाम समय रहते नहीं किए गए तो वाहनों का बढ़ता दबाव जाम के साथ दुर्घटनाओं का कारण भी बन सकता है। रॉबर्ट्सगंज-रामगढ़ मार्ग पर स्थित बेलखुरी से मझिगाई होते हुए मधुपुर की दूरी करीब 40 किलोमीटर पड़ता है। वहीं बेलखुरी से रॉबर्ट्सगंज की दूरी सिर्फ 10 किमी है। ऐसे में रामगढ़ तरफ जाने-आने वाले भारी वाहनों को करीब 30 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि बेलखुरी–मझिगाई–मधुपुर मार्ग पर कई अंधे मोड़ हैं, जहां पहले भी छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद अधिकांश स्थानों पर न तो पर्याप्त रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं और न ही गति सीमा एवं सावधानी संबंधी संकेतक। रात के समय यह मार्ग और अधिक जोखिमपूर्ण हो जाता है। रेलवे परियोजना प्रबंधक के मुताबिक आरओबी निर्माण के दौरान रॉबर्ट्सगंज रेलवे क्रासिंग से पैदल यात्री और बाइक सवार आ-जा सकेंगे। इसके लिए रेलवे क्रासिंग से ही वैकल्पिक रास्ता दिया जाएगा। जबकि चार पहिया वाहन एवं भारी वाहनों को डायवर्जन रूट से गुजारा जाएगा।
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