सोनभद्र। संगठित गिरोह बनाकर साइबर ठगी करने वाले गैंग लीडर वाराणसी के आयुष पटेल की महिंद्रा थार पुलिस ने जब्त कर ली है। पुलिस का दावा है कि यह वाहन अवैध कमाई से अर्जित की गई थी। आयुष पर पिछले साल साइबर ठगी का मामला दर्ज किया गया था। बाद में उसके विरुद्ध गैंगस्टर की कार्रवाई की गई। जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने सोमवार को अवैध संपत्ति जब्त की। वाराणसी के रामपुर सगरा क्षेत्र निवासी आयुष पटेल को साइबर ठगी के मामले में आरोपी बनाया गया था। साइबर थाना प्रभारी डीके चौधरी ने बताया कि आयुष पटेल अपने सहयोगियों सुभाष राय, रजत श्रीवास्तव और करण गुप्ता के साथ मिलकर होटल कर्मचारियों और उनके रिश्तेदारों के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र में म्यूल बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम जमा कर एटीएम और चेक के माध्यम से निकासी कर संगठित आर्थिक अपराध को अंजाम दिया जाता था। मामले में वर्ष 2025 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विवेचना में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोप पत्र न्यायालय भेजा गया। इसके बाद गैंग बनाकर अपराध करने के आरोप में वर्ष 2026 में आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई। आयुष पटेल की साइबर अपराध से अर्जित चल और अचल संपत्तियों का चिह्नीकरण कर रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट को भेजी गई थी। जब्ती आदेश मिलने के बाद पुलिस ने उसकी महिंद्रा थार जब्त कर ली। एसओ ने बताया कि साइबर अपराध से अर्जित अन्य संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है और उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।