तापीय परियोजना के आवासीय परिसर स्थित शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे श्रीमदभागवत कथा में मंगलवार को प्रहलाद एवं ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक श्याम उपाध्याय जी ने कहा कि भक्त प्रहलाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। उनकी भक्ति से उनके पिता हिण्यकश्यप बहुत नाराज रहते थे। हिरण्यकश्यप की ओर से लगातार भक्त प्रहलाद पर अत्याचार से नाराज भगवान ने नरसिंह अवतार लिया। वे खंभे से चीरकर निकले और हिरण्यकश्यप का वध कर दिया। उसके पश्चात भी भगवान का गुस्सा शांत नही हुआ। भक्त प्रहलाद के प्रार्थना भगवान नरसिंह शांत हुए और अपने धाम को चले गए। इस दौरान ध्रुव चरित्र और भागवत के महत्व को बताया। इस दौरान पंडाल में भारी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।