ओबरा सी की नई चिमनी से निकलता धुंआ।
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लगभग 11 हजार करोड लागत की बनाई जा रही 1320 मेगावाट क्षमता की एक इकाई को आयल फायरिंग कर सोमवार को लाइटअप करने में कोरिया के अभियंताओं को सफलता मिल गई। इससे शीघ्र ही इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।
कोविड के कारण ओबरा सी परियोजना दो वर्षों से अधिक लेट चल रही है। फिर भी दुसान पावर सिस्टम इंडिया लिमिटेड ने पहली इकाई को जनवरी 2023 तक विद्युत उत्पादन का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में आयल फायरिंग कर मिनी ब्वायलर से इकाई को लाइट अप किया गया। इस लाइट अप का मुख्य उद्देश्य है कि जब भी स्टीम ब्लोइंग के दौरान ब्वायलर के सभी एग्जलरी की जांच थी, जिससे उसकी कमियों को दूर किया जा सके। माना जा रहा है कि जैसे ही स्टीम ब्लोइंग का चरण पूरा होगा, उसके बाद कोल फायरिंग कर इकाई को उत्पादनरत किया जाएगा। बता दें ओबरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबन्धक इं दीपक कुमार के अगुवाई में अभियन्ता दुसान कंपनी को पूरा सहयोग करने में लगे हुए है। परियोजना कीदोनों इकाइयो से विद्युत उत्पादन शुरू होने से सूबे के लोगों को बिजली की कटौती से निजात मिलेगी।