सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र में 17 वर्ष पूर्व हुई किसान की हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एहसानुल्लाह खां की कोर्ट ने दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मंगलवार को सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर दोनों को एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं मृतक के परिजनाें को एक लाख रुपये बतौर प्रतिकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की तरफ से राज्य सरकार से दिलाने का भी आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक चोपन थाना क्षेत्र के अवई निवासी केशवराम प्रजापति ने सात मार्च 2007 को चोपन थाने में दी तहरीर में बताया कि उसके पिता सुक्खूराम ने अपना खेत बंटाई पर गांव के ही शंकर पाल को दिया था। फसल कटने के बाद शंकर पाल पूरी फसल अकेले ले जाना चाहता था। इस पर उसके पिता ने विरोध किया। इससे नाराज शंकर ने अपने साथी बुद्धिराम उर्फ वकील निवासी अवई व एक अन्य साथी के साथ मिलकर उसके पिता की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। शव को सड़क पर फेंक दिया। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना की और तीन आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। विचारण के दौरान एक अभियुक्त की मौत हो गई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी शंकरपाल और बुद्धिराम उर्फ वकील को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार पाठक ने बहस की।