सोनभद्र। बीजपुर थाना क्षेत्र में मोटकी पहाड़ी पर स्थित एक मंदिर में सवा दो साल पूर्व पति के साथ दर्शन करके लौटते समय कुल्हाड़ी से जान मारने का भय दिखाकर जंगल में सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट एहसानुल्लाह खान की अदालत ने मंगलवार को तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। एससी/एसटी एक्ट में दोषी अंगद केवट पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड, वहीं शेष दो दोषियों मुन्नीलाल पनिका व श्यामलाल पनिका पर 55- 55 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड की धनराशि में से एक लाख रुपये पीड़िता को मिलेगी। बभनी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 16 मई 2021 को बीजपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि वह अनुसूचित जन जाति का है। उसकी बेटी और दामाद 15 मई 2021 को बीजपुर थानान्तर्गत मोटकी पहाड़ी स्थित मंदिर पर दर्शन पूजन करने गए थे। दोपहर में पहाड़ी आते समय वहां पर बभनी थाना क्षेत्र के सिसवा झापर गांव निवासी मुन्नीलाल पनिका व श्यामलाल पनिका तथा बीजपुर थाना क्षेत्र के धरतीडाड़ निवासी अंगद केवट मिले। दामाद को कुल्हाड़ी से जान मारने का भय दिखाकर जंगल में लेजाकर बेटी के साथ तीनों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। तहरीर पर पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान तथा पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर गैंग रेप के तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सी शशांक शेखर कात्यायन ने बहस की।