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Sonebhadra News: वन विभाग को छका रहा तेंदुआ, तीन दिन बाद भी पकड़ से दूर

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रेणुकूट। पिपरी नगर क्षेत्र व आसपास के जंगलों में बीते एक पखवाड़े से तेंदुए की चहलकदमी के बाद से लोग सहमे हैं। तेंदुए को पकड़ने को वन विभाग पिछले दिनों से मशक्कत कर रहा है, लेकिन उसके सारे प्रयास अब तक नाकाफी साबित हो रहे हैं। थककर विभाग ने भी जंगल में पिंजड़ा और जाल लगाकर छोड़ दिया है, ताकि उस ओर आते ही तेंदुआ उसमें फंस सके। उधर, जंगल के किनारे रहने और आने-जाने वाले लोग भयभीत हैं।
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पिपरी वन रेंज क्षेत्र के रेंजर धीरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए मिर्जापुर से पिंजड़ा भी आ चुका है और जाल भी मंगा कर रख लिया गया है। प्रतिदिन वन कर्मी जंगलों में चक्रमण भी कर रहे हैं, मगर इधर तेंदुए का पता नहीं चल रहा है। रेंजर ने बताया कि तेंदुआ से बचने के लिए लगातार लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है कि वह जंगल में अकेले न जाएं। तीन-चार की संख्या में होने पर वह सुरक्षित रहेंगे। पिपरी स्थित पशु अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ मनीष कुमार मौर्या ने बताया कि तेंदुआ बहुत ही फुर्तीला जानवर होता है। रिहंद बांध के आसपास ऐसी जलवायु है जो उसके अनुकूल है। यहां उसे जंगलों में चीतल या छोटे-मोटे जानवर खाने को मिल जा रहे हैं और पीने के लिए पर्याप्त पानी भी है। ऐसी दशा में वह घूम फिर कर यहीं बना हुआ है। उन्होंने तेंदुआ के छत्तीसगढ़ के जंगलों से भटककर आने की संभावना जताई और कहा कि यहां अनुकूल परिस्थितियां होने की वजह से वह बीते कई माह से अपना ठिकाना बना चुका है। उन्होंने कहा कि तेंदुआ दो-तीन आदमी अगर एक साथ हैं तो हमला नहीं करेगा। अकेला आदमी देखकर ही वह हमला कर सकता है।
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