हाईवे के चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित इसी जमीन का कर दिया गया था पट्टा। - जागरूक पाठक
सोनभद्र। तहसील प्रशासन को अंधेरे में रखकर राॅबर्ट्सगंज-पन्नूगंज (कलवारी-खलियारी राजमार्ग) मार्ग किनारे की बेशकीमती जमीन पर किए गए पट्टों को डीएम चर्चित गौड़ की अदालत ने खारिज कर दिया है। निर्णय में कहा गया है कि पट्टाधारकों के प्रभाव में आकर गलत तरीके से पट्टे का आवंटन किया गया। सभी के पास पर्याप्त जमीन होने और आवंटित की जा रही भूमि की हाईवे किनारे की मौजूदगी जैसे अहम तथ्य छिपाए गए। उस ग्राम पंचायत सदस्य को पट्टा दिया गया, जिसने खुद भूमि आवंटन प्रस्ताव में सदस्य के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। डीएम ने पट्टे को निरस्त करने के साथ उसे बंजर खाते में दर्ज करने और एसडीएम को इससे जुड़ी कार्रवाई पूरी कराने के लिए कहा है। राजमार्ग के किनारे की लगभग छह बिस्वा कीमती जमीन का प्रकरण गत जनवरी में सामने आया था। मामला सुर्खियों में छाने के बाद तत्कालीन एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी ने पट्टा निरस्तीकरण के लिए डीएम न्यायालय में वाद दाखिल कराने के साथ लेखपाल को निलंबित कर दिया था और काननूगो के खिलाफ निलंबन की संस्तुति डीएम को भेजी थी। तथ्य छिपाकर गलत आदेश कराने के लिए तहसीलदार को जिम्मेदार ठहराते हुए रिपोर्ट भी डीएम को भेजी गई थी। जून के पहले सप्ताह में इसकी सुनवाई पूरी की गई। सामने आए तथ्यों, पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और पट्टाधारक व राज्य सरकार की तरफ से उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के द़ृष्टिगत डीएम ने किए गए चारों पट्टों को निरस्त करने का निर्णय दिया। संबंधित भूभाग को बंजर खाते में दर्ज करने के लिए एसडीएम को इसकी प्रमाणित प्रति भी भेज दी गई।