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म्योरपुर एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे बड़े आकार वाले यात्री विमान

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देश के अति पिछड़े जिलों में शुमार सोनांचल को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए म्योरपुर में एयरपोर्ट का निर्माण जोरों पर है। रनवे की पेंटिंग का काम अंतिम चरण में चल रहा है। नवंबर से संभावित उड़ानों के लिए जल्द ही ट्रायल शुरू किया जा सकता है। इस एयरपोर्ट से बड़े आकार वाले ए-321 श्रेणी के यात्री विमान के संचालन की तैयारी है। एयरपोर्ट का विस्तारीकरण भी इसी अनुरूप किया जा रहा है।
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साठ के दशक में निर्मित म्योरपुर हवाई पट्टी को केंद्र सरकार की रूरल कनेक्टिविटी योजना के तहत विस्तार दिया जा रहा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की देखरेख में पहले चरण में यहां सामान्य यात्री विमानों (70-100 यात्री) के उड़ान के अनुसार सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके लिए टर्मिनल, प्रशासनिक भवन, विमानों की पार्किंग, प्रतीक्षालय सहित अन्य कार्य अंतिम चरण में हैं। नवंबर से यहां उड़ान शुरू करने की तैयारी है।
इससे पहले सुरक्षा पहलुओं की पड़ताल करने जल्द ही ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी की टीम भी यहां आ सकती है। उनकी क्लीयरेंस के बाद उड़ान शुरू करने का कार्य आगे बढ़ेगा। पहले चरण का काम पूरा होने के साथ ही भविष्य की संभावनाओं पर भी काम शुरू हो गया है।
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एयरपोर्ट को करीब सात सौ एकड़ में विस्तार देने का प्रस्ताव है, जिससे यहां बड़े आकार के ए-321 श्रेणी के यात्री विमानों की उड़ान हो सके। इसके लिए म्योरपुर सहित आसपास के छह गांवों से जमीन का अधिग्रहण भी होगा। इसके लिए जिला व तहसील प्रशासन की टीम भूमि का सर्वे, मूल्यांकन सहित अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटी हुई है। जल्द ही इसकी विस्तृत रिपोर्ट शासन को प्रेषित कर दी जाएगी।
एक साथ सफर कर सकेंगे दो सौ यात्री
ए-321 श्रेणी का विमान छोटे से मध्यम दूरी की उड़ान वाला विमान है। इसमें एक साथ 170 से 220 यात्री सफर कर सकेंगे। म्योरपुर व आसपास के क्षेत्रों में स्वर्ण, पोटाश व यूरेनियम जैसे खनिज पदार्थों की उपलब्धता पाई गई है। इसके खनन के लिए सरकार ग्लोबल टेंडर करने की तैयारी में है। महत्वपूर्ण खनिजों की ढुलाई के लिए भी एयरपोर्ट का ए-321 श्रेणी के मानकों के तहत होना जरूरी है।
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