सोनभद्र। जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने शासन के निर्देश के बावजूद अभी तक कई गांवों में पंचवटी के लिए स्थल का चयन न होने पर नाराजगी जाहिर किया गया है। उन्होंने सभी एसडीएम से जमीन की उपलब्धता के बारे में जानकारी तलब किया है। चेताया है कि जानकारी गलत मिली तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। योगी सरकार पर्यावरण को संरक्षित रखने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत ग्रामीण इलाकों में पौधरोपण करा रही है। एक गांव एक बाग योजना के तहत ग्राम पंचायतों की जमीनों पर पंचवटी लगाई जा रही है, लेकिन जिले में पंचवटी का कार्य धीमी गति से चल रहा है। अभी तक राबट्र्सगंज, चतरा, नगवां, घोरावल, चोपन, म्योरपुर, बभनी और दुद्घी ब्लॉक के 637 ग्राम पंचायतों में से अधिकांश में पंचवटी केलिए जमीन का चयन नहीं हो सका है। वहीं चयनित ग्राम पंचायतों में पंचवटी योजना के तहत लगाने के लिए महज 20 हजार आम और साढ़े पांच हजार जामुन के पौधे आए हैं। जबकि पंचवटी के लिए 50 पेड़ आम, 100 पेड़ अमरूद, 25 पेड़ आंवला, 10-10 पेड़ कटहल और जामुन का पौधा लगाया जाना है। शासन के निर्देश के बावजूद जिन लेखपालों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पंचवटी के लिए जमीनों का चयन नहीं किया है उनके खिलाफ प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करने मूड में है। मंगलवार को डीएम ने राबट्र्सगंज एसडीएम यमुना धर चौहान, घोरावल केउपजिलाधिकारी जैनेंद्र सिंह और दुद्घी एसडीएम सुशील यादव को लेखपालों से पंचवटी केलिए चिन्हित जमीनों से संबंधित रिपोर्ट लेकर अवगत कराने का निर्देश दिया है। अगर कोई लेखपाल यह रिपोर्ट देता है कि उसके क्षेत्र केगांवों मेें पंचवटी के लिए सरकारी जमीन नहीं है तो उसका सत्यापन कराया जाएगा। झूठी रिपोर्ट देने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीएम केकड़ा रूख अख्तियार करने पर लेखपाल रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए है।