सोनभद्र। जिले में एल-टू अस्पताल में बुधवार को जलापूर्ति पाइप में खराबी आ गई। इससे अस्पताल में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। स्थिति संभालने के लिए टैंकर से पानी भेजा गया। बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच भले ही दावा किया जा रहा है कि कोविड-19 अस्पताल में व्यवस्थाएं मुकम्मल हैं, लेकिन सच कुछ और ही है। जिन अधिकारियों के कंधे पर पंचायत चुनाव कराने की जिम्मेदारी है उन्हें यहां की भी व्यवस्था दी गई है। प्रतिदिन बढ़ते कोरोना संक्रमितों के बेहतर इलाज के लिए लोढ़ी जिला अस्पताल के पास ही कोविड अस्पताल बनाया गया है। 200 बेड का यह एल-टू अस्पताल है। कहने को तो यहां भर्ती सैकड़ों मरीजों को समय पर पानी, खाना, काढ़ा सबकुछ मिल रहा है, लेकिन सच कुछ और ही है। नाम न छापने की शर्त पर कुछ कोविड पीड़ितों ने यहां के हालात को बयां किया। कहा कि अस्पताल ज्यादातर नर्स के भरोसे चल रहा है। चिकित्सक कभी-कभार ही यहां देखने के लिए आते हैं। बुधवार सुबह जब आइसीयू वार्ड के कुछ लोग शौच गए तो उसमें पानी नहीं था। इस पर जब उस कक्ष के बाहर चस्पा किए गए फोन नंबर पर फोन किया गया तो नंबर बंद मिला। मरीजों के तीमारदारों ने बताया कि पानी की व्यवस्था ठीक नहीं है। यहां जमुना वार्ड में पानी सप्लाई प्रभावित है। ऐसे में गंदगी बढ़ रही है। सफाई करने वाले आते हैं तो सफाई के बाद ग्लब्स आदि भी कई बार इधर-उधर फेंक कर चले जाते हैं। इस संबंध में वार्ड के अंदर साफ-सफाई की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले एडीओ पंचायत राबर्ट्सगंज केएस शुक्ला से बात की गई तो उन्होने अपनी ड्यूटी पंचायत चुनाव में लगी होने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। कहा कि वह व्यवस्था वहां के डॉक्टर ही देेखेंगे।