रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र में गिरफ्तार गांजा तस्कर मुकेश साह उर्फ़ अमित।
सोनभद्र। ओडिशा से वाराणसी तक गांजा तस्करी करने वाले चाचा-भतीजा गैंग के सरगना (भतीजा) को रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने सोमवार को बिहार के भागलपुर से गिरफ्तार कर लिया। गैंग में उसकी स्थिति और तस्करी पकड़ में आने के बाद से उसकी फरारी को देखते हुए एसपी अभिषेक वर्मा ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। पूछताछ के बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कोर्ट में पेश किया गया। वहां से 14 दिन की रिमांड पर जिला जेल गुरमा भेज दिया गया। आरोपी के चाचा की भी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गईं हैं। गत 21 अगस्त को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने 86 किलो गांजे के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला कि बिहार के भोजपुर (आरा) एरिया के बड़हरा थानाक्षेत्र के रामशहर निवासी मुकेश साव और उसका चाचा अर्जुन साव गैंग का संचालन कर रहा है। यह गिरोह ओडिशा के फुलवारी एरिया से गांजा लेकर वाराणसी पहुंचाता है। गांजे की खरीद कहां से की जानी और किसे आपूर्ति दी जानी है। सारा काम चाचा-भतीजा संभालते हैं। पकड़े गए आरोपियों ने इस बात का भी खुलासा किया था तस्करी गिरोह संभालने वाले चाचा-भतीजा गांजा लदे वाहन के आगे अपने वाहन से चलकर पुलिस व अपराधियों के गाड़ियों का लोकेशन भी उन्हें बताने का काम करते हैं। एसपी ने गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी की जिम्मेदारी प्रभारी निरीक्षक राॅबर्ट्सगंज धर्मेंद्र कुमार सिंह को सौंपने के साथ ही इसकी निगरानी एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार को सौंप रखी थी। गिरोह के मास्टरमाइंड बताए जा रहे मुकेश साव उर्फ अमित की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार का इनाम भी घोषित कर रखा था। मिली सूचना के आधार पर अपराध निरीक्षक डीपी यादव की अगुवाई वाली टीम सोमवार को बिहार के भागलपुर पहुंची। वहां से इनामी बदमाश मुकेश साव को दबोचने के साथ ही जरूरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए मंगलवार को रॉबर्ट्सगंज लाया गया। यहां आरोपी को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के अदालत में पेश किया गया। वहां से न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जिला कारागार भेज दिया गया।