सोनभद्र। निकाय चुनाव में अब निर्णायक घड़ी आ चुकी है। महज 24 घंटे बाद बृहस्पतिवार की सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो जाएगा। प्रत्याशी घर-घर पहुंचकर वोट मांग रहे हैं। साथ ही मतपत्र पर सही तरीके से वोट देने का तरीका भी समझा रहे हैं। मतदाताओं की छोटी सी चूक कई बार उम्मीदवारों को भारी पड़ी है। वह न चाहते हुए भी अपने प्रत्याशी की हार का कारण बन जाते हैं। पिछली गलतियों से सबक लेते हुए प्रत्याशी भी सतर्क हैं।
लोकसभा व विधानसभा चुनावों से इतर निकाय चुनाव में मतपत्र पर वोट पड़ेंगे। मतदाताओं को अपने चहेते प्रत्याशी के नाम के सामने स्थित चुनाव निशान पर मुहर लगाना होता है। फिर मतपत्र को इस तरह से मोड़ना होता है कि मुहर की छाप प्रत्याशी के ही नाम पर पड़े। कई बार मतपत्र मोड़ने में गलती के चलते मुहर दूसरे प्रत्याशी के नाम या निशान पर भी चला जाता है। यही नहीं जागरुकता के अभाव में कुछ मतदाता मुहर के जगह मतपत्र पर अपने अंगूठे का निशान लगा देते हैं। इन कारणों से संबंधित मत को अवैध घोषित कर दिया जाता है।
वर्ष 2017 के ही चुनाव में जिले की एक निकाय में महज चार वोटों से हार-जीत हुई थी। पराजय का मुंह देखने वाले प्रत्याशी के पक्ष के कई वोट मतदाताओं की इन्हीं गलतियों के कारण निरस्त हो गए थे। 2012 के चुनाव में भी एक अन्य निकाय में पराजित प्रत्याशी को जितने वोटों से हार मिली थी, उससे कहीं अधिक उसके मत अवैध करार दिए गए थे। इस बार प्रत्याशी पहले से ही सतर्क हैं। लिहाजा वोट मांगने के साथ वह मतदाताओं को सही तरीके से मतदान करने का तरीका भी समझा रहे हैं।
सभी मतदाताओं को वोट देने का सही तरीका समझाया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान कार्मिकों को भी यह निर्देश दिए गए हैं कि वह मतदाता को बूथ पर मतपत्र मोड़ने का सही तरीका समझाते रहे, जिससे गलती की गुंजाइश न रहे। - जगरुप सिंह पटेल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी।