सोनभद्र। लाक डाउन के दौरान जिले में आए 13542 प्रवासी श्रमिकों में से 5345 श्रमिकों के नए जाब कार्ड और बनाए गए हैं। जाब कार्ड बनने के बाद इन प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा के तहत रोजगार भी दिया जा रहा है। रोजगार के सिलसिले में दूसरे राज्यों में गए प्रवासी श्रमिकों में से 13542 लाकडाउन के दौरान अपने घर लौटकर आए। इनमें सबसे ज्यादा 3562 प्रवासी मजदूर घोरावल ब्लाक में आए। इनमें से 1082 प्रवासी श्रमिकों को जाब कार्ड बनाकर उन्हें मनरेगा के तहत गांव में ही रोजगार दिया जा रहा है। इसी तरह से बभनी ब्लाक में 2228, चतरा में 1587, चोपन में 1492, दुद्धी में 1458, म्योरपुर में 1572, नगवां में 730, व राबर्ट्सगंज में 913 प्रवासी श्रमिक आए। इनमें से बभनी ब्लाक में आए श्रमिकों में से 495 प्रवासी श्रमिकों को जाब कार्ड बनाकर मनरेगा में रोजगार दिया जा रहा है। इनके अलावा चतरा में 923, चोपन में 727, दुद्धी में 340, म्योरपुर में 942, नगवां में 450 व राबर्ट्सगंज ब्लाक में आए 386 प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार दिया जा रहा है। उपायुक्त मनरेगा टीबी सिंह कि कहना है लाक डाउन के दौरान जिले में अपने घर लौटे प्रवासी श्रमिकों में से 5345 को नए सिरे से जाब कार्ड बनाकर मनरेगा में रोजगार दिया जा रहा है। जबकि 3935 प्रवासी श्रमिकों के पुत्रों को जाब कार्ड से जोड़ा गया है। फिलहाल कुल 8270 प्रवासी श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार दिया जा रहा है।