सोनभद्र। राबटर्सगंज से एक बार सांसद और छानबे से दो बार विधायक रह चुके भाईलाल कोल का सियासी सफर खासा दिलचस्प रहा है। सौम्य और मिलनसाल स्वभाव के भाईलाल के निधन की खबर रविवार की शाम जिले को लोगों को मिली तो लोग एकबारगी स्तब्ध रह गए। दो मार्च 1953 में मिर्जापुर जनपद के पचोखर गांव में जन्मे भाईलाल कोल का सियासी सफर 1995 में प्रधानी के चुनाव से हुआ था। पहली बार के ही चुनाव में मिली जीत ने उन्हें इस कदर आत्मविश्वास से भर दिया कि 2004 के सांसदी चुनाव के जरिए वह लोकसभा तक पहुंच गए। बड़े राजनीतिक पारी की शुरुआत उन्होंने 1996 से की। छानबे विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधायक चुन लिए गए लेकिन वर्ष-2001 के चुनाव में पार्टी ने टिकट काट दिया तब उन्होंने बीएसपी का दामन थाम लिया। यहां उन्हें 2004 में रार्बटसगंज संसदीय सीट से लड़ने का मौका मिला और वह सांसद चुन भी लिए गए। 2009 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने टिकट काटा तो वह सपा में पहुंच गए। 2012 के चुनाव में छानबे विधानसभा सीट से टिकट हासिल कर फिर से विधायक चुन लिए गए। 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से सपा ने उन्हे टिकट दिया लेकिन मोदी लहर ने उन्हें पटखनी दे दी। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह सपा के टिकट पर राबर्टसगंज सीट पर चुनाव लड़े लेकिन मोदी लहर ने यहां भी उन्हें हार का रास्ता दिखा दिया।