नगर पंचायत घोरावल में आवासों का निर्माण कराए जाने के नाम पर करोड़ों रुपये डकारने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने विवेचना तेज कर दी है। बीते दिनों विवेचक इंस्पेक्टर ने श्रीकांत राय ने डूडा कार्यालय पहुंच कर पीओ से संबंधित पत्रावलियों की फोटो कॉपी कब्जे में ले लिया है। अब पुलिस किन-किन आरोपियों ने आवासों के निर्माण कराने के नाम पर सरकारी धन कितना डकारा है, इसका पता करने में जुट गई है।
डीएम के निर्देश पर राबर्ट्सगंज कोतवाली में डूडा के परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय ने कार्यदायी संस्था के परियोजना अधिकारी बीपी सिंह, बीएम वर्मा, सेवानिवृत्त तत्कालीन यूनिट लेखाकार इंद्र मणि त्रिपाठी, रामजनम, मुहम्मदमुल और शैलेंद्र नाथ द्विवेदी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। वादी ने तहरीर के माध्यम से पुलिस को अवगत कराया है कि सीएंडडीएस यूनिट को आईएचएसडीपी योजना के तहत घोरावल नगर पंचायत में 512 आवास बनाए जाने थे। उक्त आवासों के निर्माण के लिए 1431.87 लाख निर्गत किया गया था और कार्यदायी संस्था को वर्ष 2017 तक निर्माण कराकर हैंडओवर करना था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका। इतना ही नहीं वित्तीय धनराशि का उपयोग कर लिया गया है। कुछ दिन पूर्व विवेचक श्रीकांत राय ने डूडा कार्यालय पहुंच कर परियोजना अधिकारी राजेश उपाध्याय से आवासों के निर्माण के लिए जारी धन आदि से संबंधित पत्रावलियों की फोटो कापी को कब्जे में लेने के साथ ही वादी का भी बयान दर्ज किया। डूडा के पीओ राजेश उपाध्याय ने बताया कि विवेचक ने जो भी पत्रावलियों की मांग कर रहे हैं, उसे उपलब्ध कराया जा रहा है। अभी तक उनके द्वारा जो भी कागजात मांगें गए हैं, उसे मुहैया कराया दिया गया है।