सिंगरौली-चोपन मार्ग पर रेल यातायात की समस्या को लेकर बुधवार को रेणुकापार के लोगों ने मुख्य नियंत्रक कार्यालय के समीप प्रदर्शन किया। आदिवासी विकास मंच के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे आदिवासियों ने खुलदिल रेलवे स्टेशन पर वाराणसी-शक्तिनगर इंटरसिटी और त्रिवेणी एक्सप्रेस का ठहराव किए जाने की मांग की। साथ ही कोरोना कॉल में बंद हुई पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू किए जाने पर जोर दिया। मंडल रेल यातायात प्रबंधक विशाल सौरभ को ज्ञापन सौंपा।
नेतृत्व कर रहे हरदेव नारायण तिवारी ने बताया कि चोपन ब्लॉक के आदिवासी क्षेत्र कुलडोमरी, मिर्चाधुरी, सागरदह, गड़ापथर, खैराही, कंहारा, परसोई, बैरपुर, पनारी आदि गांवों के लोग रेल यातायात सुविधा से वंचित हैं। आदिवासी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली त्रिवेणी एक्सप्रेस और पलामू लिंक का ठहराव रेलवे स्टेशनों पर किए जाने और लंबे समय से बंद कटनी-चोपन और शक्तिनगर-चोपन पैसेंजर ट्रेन को चलाने की मांग की। बताया कि आदिवासी क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्र-छात्रा सहित सैकड़ों लोग फफरा कुंड रेलवे स्टेशन के पास कड़िया रेलवे लाइन क्रॉस कर बाइक, साइकिल, पैदल प्रतिदिन आते-जाते हैं।
बृजेश तिवारी ने बताया कि आदिवासी क्षेत्र में खुलदिल रेलवे स्टेशन से होकर वाराणसी-शक्तिनगर इंटरसिटी एवं त्रिवेणी एक्सप्रेस प्रतिदिन गुजरती है, लेकिन इसका ठहराव स्टेशन पर नहीं है। पहले चुनार-चोपन-गोमो पैसेंजर और चोपन-कटनी पैसेंजर चलती थी, जो 2020 से बंद हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार मांग की गई, बावजूद इसके समाधान नहीं किया जा रहा।
सूबेदार सिंह गोंड़ ने कहा कि यदि आदिवासी समाज के हित में काम नहीं हुआ तो वह भूख हड़ताल करने को भी बाध्य होंगे। प्रदर्शन करने वालों में समयलाल खरवार, सत्येंद्र भारती, शिव प्रसाद खरवार, रंजीत सिंह गौड़ शामिल रहे।