सोनभद्र। जिले के 129 पेट्रोल-डीजल पंपों के अभिलेखों की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। अभी तक जांच में गड़बड़ी मिलने पर विंध्य सेवा समिति के पेट्रोल पंप का डीजल विक्रय लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है। उधर, जांच शुरू होते ही पेट्रोल पंप संचालित करने के लिए डीएम स्तर से जारी लाइसेंस के शर्तो का शत-प्रतिशत पालन न करने वाले संचालकों की नींद उड़ गई है। राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्घी तहसील क्षेत्रों में विभिन्न कंपनियों के 129 पेट्रोल पंप संचालित हैं। पिछले कुछ माह पूर्व राबर्ट्सगंज पिपरी रोड निवासी धरमचंद ने सीएम को शिकायती पत्र भेज कर आरोप लगाया था कि मारकुंडी में एक व्यक्ति द्वारा विधि विरुद्ध ढंग से जमीन बैनामा कराकर पेट्रोल पंप लगवाया गया है। डीएसओ ने पंप से जुड़े अभिलेखों का परीक्षण किसा तो शिकायत सही निकली। इस पर विंध्य सेवा समिति का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। उधर आपूर्ति विभाग जांच में एक पंप में गड़बड़ी मिलने के बाद समस्त पंपों के अभिलेखों की जांच करने की कार्यवाही में जुट गया है। पंप संचालकों को नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर जांच करा सकें। जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने बताया कि जिले में संचालित करीब 129 पेट्रोल पंपों की पत्रावलियां देखी जा रही है। लाइसेंस के शर्तों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।