सोनभद्र। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल ने बुधवार को जिला कारागार का निरीक्षण कर बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता और उनके अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने सजायाफ्ता बंदियों को अपील की प्रक्रिया समझाई, जबकि विचाराधीन बंदियों से मुकदमों की प्रगति और जमानत के संबंध में जानकारी ली। जिला कारागार में कुल 879 बंदी निरुद्ध हैं। इनमें 693 विचाराधीन और 186 सजायाफ्ता हैं। निरीक्षण के दौरान पाकशाला, महिला और पुरुष बैरक, चिकित्सालय, पाठशाला तथा लीगल एड क्लीनिक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। बंदियों से उनके स्वास्थ्य, खानपान और अन्य समस्याओं के बारे में भी पूछताछ की गई। मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों के मामलों में नियमानुसार संबंधित न्यायालय को सूचना देने के निर्देश जेल प्रशासन को दिए गए। निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए भी कहा गया। इस दौरान जेल अधीक्षक अरुण कुमार मिश्र और जेलर अरविंद कुमार सिन्हा मौजूद रहे। जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर, विकास भवन परिसर में एक नवंबर को मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर आयोजित किया जाएगा। इसकी तैयारियों के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव राहुल ने विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, श्रमिकों और वंचित वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जागरूकता शिविर आयोजित करने और पंजीकरण कराने पर जोर दिया गया। सचिव ने 31 दिसंबर तक चल रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान 3.0’ के तहत वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस, ऋण वसूली और अन्य मध्यस्थता योग्य मामलों का आपसी सहमति से निस्तारण कराने के निर्देश भी दिए। संवाद